Saturday, 7 November 2026
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गुरुग्राम में मेट्रो स्टेशनों पर उमड़ी भारी भीड़:वर्किंग-डे का अंतिम दिन, दीवाली पर घर जाने वालों का सैलाब, कई बार किए गेट बंद

INT News7 November 2026 at 06:55 am

गुरुग्राम में वर्किंग डे के अंतिम दिन दिल्ली की तरफ जाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। रात साढ़े 11 बजे तक आखिरी मेट्रो तक स्टेशनों के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही।

त्योहारों के इस महापर्व के सीजन में दिल्ली-एनसीआर में उत्सव की रौनक के साथ-साथ आम जनता की मुश्किलें भी अचानक चरम पर पहुंच गई हैं। धनतेरस और दीवाली के त्योहारों के चलते जहां सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, वहीं यातायात के इस भारी दबाव का सीधा और सबसे बड़ा असर दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर देखने को मिला है। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की इस कदर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है कि स्टेशनों के भीतर और बाहर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। शुक्रवार का दिन और दोहरी मार

मेट्रो स्टेशनों पर इस अभूतपूर्व संकट की सबसे बड़ी वजह शुक्रवार को वर्किंग डे का अंतिम दिन होना रही। दिल्ली और गुरुग्राम के कॉरपोरेट ऑफिसों में काम करने वाले कर्मचारी वीकेंड की छुट्टी के चलते शाम को एक साथ अपने घरों के लिए निकले। ऊपर से दीवाली पर अपने पैतृक घर जाने वालों की भारी भीड़ भी इसी समय स्टेशनों पर पहुंच गई। दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए निकलने वाले प्रवासियों का यह सैलाब सीधे मेट्रो स्टेशनों पर उमड़ पड़ा, जिससे स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। देर रात तक लगी रहीं लंबी लाइनें

गुरुग्राम के सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों, विशेषकर मिलेनियम सिटी सेंटर (हुडा सिटी सेंटर), इफ्को चौक और एमजी रोड मेट्रो स्टेशनों पर दोपहर बाद से ही यात्रियों का सैलाब उमड़ने लगा था। स्टेशन परिसर के अंदर सुरक्षा जांच (CISF सिक्योरिटी चेक) के लिए लगी कतारें इतनी लंबी हो चुकी थीं कि वे स्टेशन के प्रवेश द्वारों से बाहर निकलकर मुख्य सड़कों तक पहुंच गईं। सभी स्टेशनों पर देर रात तक यात्रियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। त्योहार की खरीदारी करने वालों, दफ्तर से छूटने वाले कामकाजी लोगों और भारी-भरकम बैग लेकर घर जाने वाले यात्रियों की संयुक्त भीड़ की वजह से टोकन काउंटरों और ऑटोमेटेड फेयर कलेक्शन (AFC) गेट्स पर भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। सुरक्षा के लिए कई बार बंद करने पड़े स्टेशनों के गेट

स्टेशनों के प्लेटफॉर्म और कॉनकोर्स एरिया में भीड़ की क्षमता समाप्त होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। प्लेटफॉर्म पर कोई बड़ा हादसा न हो जाए, इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई बार मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट्स को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा। गेट बंद होने की वजह से बाहर सड़कों पर इंतजार कर रहे यात्रियों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई। यात्रियों को मेट्रो के अंदर चढ़ने के लिए दो से तीन ट्रेनों के गुजरने का इंतजार करना पड़ रहा था। प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मेट्रो परिसरों में अचानक बढ़ी इस भीड़ ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के त्योहार संबंधी प्रबंधनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने शिकायत की कि दीवाली और वीकेंड के इस संयोजन को देखते हुए ट्रेनों के फेरे (Frequency) पहले ही बढ़ाए जाने चाहिए थे और अतिरिक्त सुरक्षा काउंटर खोले जाने चाहिए थे। भीड़ को देखते हुए हालांकि बाद में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए और लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणाएं कर यात्रियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन तब तक हजारों यात्री घंटों कतारों में फंसे रहे।