Saturday, 31 October 2026
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प्रयागराज में नीले ड्रमों में मिली करोड़ों की नकदी का रहस्य बरकरार, मकान मालिकों से पूछताछ जारी

INT News31 October 2026 at 04:51 pm

Prayagraj Cash Recovery: प्रयागराज के नवाबगंज स्थित बरईपुर रामनगर गांव में नीले ड्रमों के अंदर और जमीन में छिपाकर रखी गई करोड़ों रुपये की नकदी का मामला लगातार उलझता जा रहा है. पुलिस और आयकर विभाग की टीमें इस धन के असली मालिक का पता लगाने में जुटी हैं. मामले का खुलासा होने के तीसरे दिन भी मकान मालिक राजेश उर्फ बबलू और उसके भाई राकेश से पूछताछ की गई. हालांकि, पुलिस के अनुसार अब तक दोनों भाइयों की किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता सामने नहीं आई है.

पुणे के व्यापारी से जुड़ रहा करोड़ों की नकदी का मामला

जांच के दौरान मकान मालिकों ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी. हालांकि, लगातार पूछताछ के बाद 30 अक्टूबर को उन्होंने करोड़ों रुपये की नकदी पुणे के एक व्यापारी की होने की बात बताई. पुलिस अब इसी जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. हालांकि, दोनों भाइयों ने अभी तक संबंधित व्यापारी का नाम और अन्य जरूरी जानकारियां स्पष्ट रूप से नहीं बताई हैं. ऐसे में नकदी के वास्तविक मालिक और इसे छिपाकर रखने के पीछे की वजह का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है.

मोबाइल की कॉल डिटेल से मिल सकता है अहम सुराग

करोड़ों रुपये की नकदी के मामले में पुलिस अब मकान मालिक राजेश और राकेश के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिपोर्ट यानी सीडीआर निकलवाने की तैयारी कर रही है. इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि दोनों भाइयों की पुणे के कथित व्यापारी से बातचीत हुई थी या नहीं. कॉल रिकॉर्ड मिलने पर पुलिस को मामले की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं. हालांकि, मामला कई साल पुराना होने के कारण तकनीकी रूप से पुरानी सीडीआर प्राप्त करना आसान नहीं माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस इस दिशा में संभावनाएं तलाश रही है.

आयकर विभाग की टीम मकान में कर रही गहन जांच

दूसरी तरफ आयकर विभाग की टीम शनिवार को भी बरईपुर रामनगर स्थित पुराने मकान की बारीकी से जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, विशेषज्ञों की मदद से घर के अलग-अलग हिस्सों में खुदाई कराई जा रही है. मकान में जहां भी नई ईंटों की जोड़ाई या निर्माण में बदलाव के निशान दिखाई दे रहे हैं, वहां विशेष रूप से पड़ताल की जा रही है. इसके अलावा दीवारों और घर के बाहरी हिस्सों की भी जांच हो रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से छिपाई गई नकदी से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.

डीसीपी ने जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दी जानकारी

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के मुताबिक, मकान मालिकों ने अभी तक पुणे के व्यापारी का नाम नहीं बताया है. इसी वजह से फिलहाल वहां पुलिस की कोई टीम नहीं भेजी गई है. जिस मकान में आयकर विभाग की टीम खुदाई और जांच कर रही है, उसके बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए हैं. इससे वहां चल रही गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी. आयकर विभाग की टीम मकान की जांच पूरी करने के साथ बरामद नोटों की गिनती भी करेगी. फिलहाल करोड़ों की नकदी का असली मालिक कौन है, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

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