Saturday, 19 September 2026
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टीकमगढ़ में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने पर ऑपरेटर बर्खास्त:निजी अस्पताल में जन्मे बच्चे को जिला अस्पताल में एडमिट बताया

INT News19 September 2026 at 01:41 pm

टीकमगढ़ जिला अस्पताल में नवजात बच्चे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में यह मामला उजागर होने पर कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल के डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। इसके अलावा, जन्म प्रमाण पत्र विभाग के नोडल अधिकारी के खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने शनिवार को एसडीएम संस्कृति लिटोरिया को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। ये है पूरा मामला दरअसल, खरगापुर निवासी काजल नायक को 8 अगस्त को प्राइवेट नर्सिंग होम जीवन हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। बच्चे का जन्म वहीं हुआ। 11 अगस्त को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन, 13 अगस्त को बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जिला अस्पताल के नाम से जारी कर दिया गया। जब आशा कार्यकर्ता इस मामले की एंट्री कराने जिला अस्पताल पहुंचीं, तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। जैसे ही यह मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल सिविल सर्जन डॉक्टर अमित शुक्ला को जांच के निर्देश दिए। जांच में प्राइवेट कंपनी की ओर से जिला अस्पताल में नियुक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर अभिषेक चौधरी की गलती सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं खत्म करने का आदेश जारी कर दिया। जन्म प्रमाण पत्र शाखा के प्रभारी की जांच होगी कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में जिला अस्पताल के जन्म प्रमाण पत्र शाखा के प्रभारी विनय सोनी के खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट पेश करेंगी एसडीएम टीकमगढ़ एसडीएम संस्कृति लिटोरिया को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में अन्य लोगों के दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।