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भोपाल में फुटपाथ चोरी! पुलिस से शिकायत:अरेरा कॉलोनी में कमर्शियल एक्टिविटी का मामला; रहवासियों ने की FIR की मांग
भोपाल में आवासीय भवनों में कमर्शियल एक्टिविटी का मामला सुर्खियों में है। बुधवार को भी निगम की टीमें रहवासी इलाकों में चल रही दुकानों को लेकर सर्वे और नोटिस की कार्रवाई में जुटी रही। इसी बीच अरेरा कॉलोनी में फुटपाथ चोरी होने की शिकायत रहवासियों ने थाने में कर दी। अरेरा कॉलोनी के विवेक त्रिपाठी एवं लवनीश भाटी ने थाना हबीबगंज में शिकायत देकर पूछा है कि आखिर जनता के टैक्स के पैसे से बनाया गया फुटपाथ गया कहां? अब जनता सड़कों पर कहां चले? यदि किसी भूमाफिया, भवन मालिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठान ने फुटपाथ पर कब्जा किया तो वो कैसे संभव हुआ? पहला मामला, जब इस तरह की शिकायत रहवासियों ने 'गायब हुए फुटपाथ' के लिए जिम्मेदार अतिक्रमणकारियों के साथ नगर निगम और PWD के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी FIR की मांग की है। उनका कहना है कि देश की किसी स्मार्ट सिटी में संभवतः यह पहली ऐसी शिकायत है। अरेरा कॉलोनी में भूमाफियाओं ने आवासीय भूखंडों पर न सिर्फ अवैध मॉल बनाए, बल्कि 10 नंबर मार्केट के आसपास की सभी मुख्य सड़कों के फुटपाथ चोरी कर लिए। बावजूद जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 'फुटपाथ खुद नहीं भागा, किसी ने भगाया है'
रहवासी त्रिपाठी ने बताया कि फुटपाथ धीरे-धीरे पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों की भेंट चढ़ गया। उनका कहना है कि भूमाफिया अकेले सार्वजनिक जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता, जब तक जिम्मेदार सरकारी तंत्र आंखें बंद न करें। इसलिए शिकायत में केवल अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की मांग नहीं की गई है, बल्कि नगर निगम और PWD के उन अधिकारियों की भूमिका की आपराधिक जांच कर FIR दर्ज करने की मांग की गई है, जिनकी जिम्मेदारी इन सड़कों और सार्वजनिक फुटपाथों की सुरक्षा की थी। सर्वे में साफ होगी तस्वीर रहवासियों ने मांग की है कि पुराने नक्शे और रिकॉर्ड निकालकर फुटपाथ की पूर्व स्थिति और वर्तमान स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो फुटपाथ कब्जाने वालों के साथ उन अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाए, जिनकी लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत से सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा हुआ। उन्होंने कहा कि अब फुटपाथ को मूल स्वरुप में बहाल करने के लिए भी आंदोलन करेंगे।