Tuesday, 11 August 2026
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स्पीकर संधवां की केसों पर टिप्पणी का मामला अकाल-तख्त पहुंचा:अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने तलब कर कार्रवाई की मांग की

INT News11 August 2026 at 01:50 pm

अमृतसर में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की ओर से सिखों के केसों को लेकर कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंच गया है। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) की ओर से इस मामले को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को मांग पत्र सौंपा गया है। संगठन ने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को श्री अकाल तख्त साहिब में तलब कर उनके खिलाफ सख्त धार्मिक कार्रवाई करने की मांग की है। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) नेता सुरजीत सिंह भूरा और भाई दरवेश सिंह भूरा की अगुवाई में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचा और जत्थेदार को मांग पत्र सौंपा। संगठन के नेताओं का आरोप है कि पंजाब विधानसभा के हाल ही में हुए सत्र के दौरान एक सदस्य ने स्पीकर से श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेश को लेकर उनकी राय पूछी थी। आरोप है कि इस सवाल के जवाब में स्पीकर ने सिखों के केसों और सिख स्वरूप को लेकर ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल किया, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। अकाल तख्त की मर्यादा का मुद्दा संगठन ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा को लेकर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। नेताओं ने कहा कि केस सिख धर्म में गुरु की मोहर माने जाते हैं, जबकि दस्तार सिख स्वरूप का अहम हिस्सा है। आगूओं ने दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ को दिए गए स्वरूप और केसों के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने पीर बुधू शाह का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए केसों की बख्शिश मांगी थी। संधवां पर सख्त कार्रवाई की मांग अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने मांग की है कि स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को श्री अकाल तख्त साहिब में तलब कर पूरे मामले में स्पष्टीकरण लिया जाए। संगठन का कहना है कि अगर स्पीकर की ओर से सिख मर्यादा और केसों को लेकर आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है, तो श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा के अनुसार सख्त से सख्त धार्मिक कार्रवाई की जानी चाहिए।