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स्कूल के सामने JCB रखकर ABVP का प्रदर्शन:मधुसुदनगढ़ में गिरी थी स्कूल की छत; कार्यकर्ता बोले -प्रशासन को बताने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
गुना के मधुसूदनगढ़ के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय का जर्जर भवन गिरने के बाद बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुना में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जर्जर स्कूल भवनों पर कार्रवाई की मांग को लेकर JCB मशीन लेकर शहर के बीच स्थित MLB स्कूल पहुंच गए। उन्होंने स्कूल के सामने JCB खड़ी कर विरोध जताया। मधुसूदनगढ़ के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में रविवार को जर्जर भवन का एक कक्ष अचानक भरभराकर गिर गया था। गनीमत रही कि हादसा रविवार को हुआ, इसलिए स्कूल में छात्राएं और स्टाफ मौजूद नहीं थे। स्कूल संचालन के दौरान हादसा होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। चार-पांच साल से शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं हादसे के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कक्ष गिरने से आसपास के अन्य कक्ष भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्कूल स्टाफ के मुताबिक भवन की खराब स्थिति को लेकर पिछले चार-पांच साल से संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी जा रही थीं। शिकायतों में भवन की जर्जर स्थिति और संभावित खतरे से लगातार अवगत कराया गया, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ‘पहले ही प्रशासन को बता चुके, फिर क्यों नहीं तोड़े जर्जर भवन’ ABVP कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासन को जर्जर स्कूलों की स्थिति से पहले ही अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद भवनों को सुरक्षित करने या जर्जर हिस्सों को गिराने की कार्रवाई नहीं की गई। परिषद ने दावा किया कि करीब 200 ऐसे स्कूल चिन्हित किए गए हैं, जो जर्जर हैं और गिरने की कगार पर हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार 7 अप्रैल और 24 जून को प्रशासन एवं शिक्षा विभाग को भी इस संबंध में जानकारी दी गई थी। उनका आरोप है कि समय रहते ध्यान दिया जाता तो मधुसूदनगढ़ में हुआ हादसा टाला जा सकता था। ‘JCB का बहाना है तो मशीन हम लेकर आए हैं’ प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन जर्जर भवन गिराने के लिए JCB उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाता है, तो वे खुद JCB लेकर आए हैं। इसी के चलते कार्यकर्ता मशीन लेकर MLB स्कूल पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। SDM शिवानी पांडे और तहसीलदार मयंक तिवारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और दो सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।