समाचार · उत्तराखंड
1 दिन का CM बनने को तैयार GEN-Z, धामी ने सवाल पूछे तो क्या मिले जवाब

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यू कैंट रोड स्थित सरकारी आवास-मुख्य सेवक सदन में जेन जी छात्रों संग संवाद किया। दून के अलग-अलग स्कूलों से पहुंचे 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में सीएम धामी ने कई सवाल पूछे। छात्रों ने खुलकर अपनी बात रखी। युवाओं में किसी ने एक दिन का सीएम बनने के लिए खुद को तैयार बताया। किसी ने मेट्रो की बात की, किसी ने कानून व्यवस्था तो किसी पेड़ न काटने का सुझाव दिया।इस संवाद के बीच मुख्यमंत्री छात्रों को बताते हैं कि उनके घर में भी एक जेन जी और एक जेन-अल्फा है, जिनसे पता चलता रहता है कि आप लोगों के बीच में क्या चल रहा है। इस दौरान एक दिन का सीएम बनकर जेन-जी बड़े बदलाव को तैयार दिखे।नेता बनने के सवाल पर चार ने उठाए हाथमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से पूछा कि कौन-कौन नेता बनना चाहता है तो सिर्फ चार छात्रों ने हाथ खड़े किए। फिर मुख्यमंत्री ने क्रिकेट, साइंस, आईटी सेक्टर और पॉलिटिक्स के उदाहरण देकर लीडरशिप के कई उदाहरण दिए। और, इसके बाद फिर पूछा कि कौन-कौन लीडर बनना चाहता है तो सभागार में बैठे सभी छात्रों ने हाथ उठा दिए।प्रदेशभर में कानून व्यवस्था बड़ा मुद्दादून इंटरनेशनल की गौरांशी ने बताया कि प्रदेशभर में कानून व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा लगता है। इस पर बहुत काम करने की जरूरत है। मैं सबसे पहले राजस्व पुलिस में बदलाव करूंगी। इसके बाद दूसरा काम स्थानीय पुलिस में बदलाव को लेकर होगा।मेरी सुविधा के लिए न काटें सात मोड़ के पेड़ऋषिकेश से हर रोज स्कूल के लिए दून आने वाले दृश्य बत्रा ने कहा, मेरी सुविधा के लिए सात मोड़ पर पेड़ नहीं काटे जाने चाहिए। इन पेड़ों की वजह से मुझे स्कूल पहुंचने में देरी होती है तो मैं आधे घंटे पहले घर से निकलने के लिए तैयार हूं।सड़कों को गड्ढा मुक्त करूंगी, मेट्रो को लेकर भी विचार होगाएक छात्रा ने कहा कि वह पहला काम पूरे प्रदेश को गड्ढा मुक्त कर देगी। दूसरी छात्रा ने दून के ट्रैफिक जाम को देख मेट्रो संचालन की बात रखी। तीसरी छात्रा ने पर्यटन स्थलों पर शटल सेवा पर जोर देकर कहा, इससे स्थानीय संचालकों को भी रोजगार मिलेगा।राज्यभर में शराबबंदी लागू हो, नशा पीड़ितों को कौशल सिखाएंछात्रों ने मुख्यमंत्री के सवाल के जवाब में कहा कि नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। नशे के शिकार और तस्करी में लगे लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए स्किल से जोड़ने की योजना बनानी चाहिए। छात्रों ने राज्य में शराबबंदी की बात भी रखी।मोबाइल के इस्तेमाल की बजाय छात्रों को अनुशासन की सीखकिताब की जगह अधिक समय मोबाइल पर देने की बात आई तो मुख्यमंत्री ने छात्रों को अनुशासन की सीख दी। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग तभी करें, जब बहुत जरूरी हो। एआई से जवाब पूछने के बजाए पहले अपनी सोचने की क्षमता का उपयोग करें।सरकारी नौकरी पाना सफलता नहींछात्रा इशिता केष्टवाल ने कहा कि सरकारी नौकरी पाना ही सफलता का मानक नहीं हो सकता। स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करके भी सफलता पाई जा सकती है। स्कूली स्तर पर उद्यमिता आधारित कोर्स को बढ़ावा देना चाहिए।स्किल आधारित शिक्षा जरूरीछात्र दृश्य बत्रा ने कहा कि असल जीवन में स्किल का बहुत अभाव है। स्कूलों में पढ़ाई की तरह स्पोर्ट्स अनिवार्य हो। छात्र के लिए जो भी विषाय रुचिकर है, उसे चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। मैं स्केटिंग करता हूं, लेकिन सीमित ट्रैक हैं।