समाचार · मध्य प्रदेश
CSP नेहा पच्चीसिया को हाईकोर्ट से झटका:अदालत ने कहा- प्रशासनिक आदेश पर नहीं दिया जा सकता दखल; याचिका खारिज
एमपी के कटनी जिले में पदस्थ सीएसपी ने विभागीय कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नेहा पच्चीसिया को झटका दिया है। कोर्ट ने सीएसपी की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि प्रशासनिक आदेश में अदालत दखल नहीं दे सकती है। बता दें कि सीएसपी नेहा पर ट्रांसफर से अवैध वसूली के आरोप लगे थे, जिसके बाद कटनी एसपी ने सीएसपी नेहा से 3 थानों के प्रभार छीन लिए थे। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर दखल नहीं दिया जा सकता है। सीएसपी नेहा ने पुलिस विभाग के दो आदेशों को चुनौती दी थी। ये आदेश उनके काम और अधिकारों से जुड़े थे। नेहा पच्चीसिया ने याचिका में कटनी एसपी के आदेश को चुनौती दी थी। मामला एक ट्रांसपोर्टर की शिकायत का था, जिसमें उन्होंने सीएसपी पर अवैध वसूली को लेकर आरोप लगाया था। इस दौरान सीएसपी के कार्यालय में पदस्थ रहे कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई थी। सीएसपी के ड्राइवर को निलंबित कर दिया था। नेहा ने याचिका में बताया कि उनके अधिकार को घटाने का अधिकारियों के पास कोई ठोस कारण नहीं था। उन्होंने कदाचार से जुड़े आरोप भी नहीं होने की बात कही थी। सीएसपी का कहना था कि यह आदेश उनके काम पर असर डालने वाला फैसला है। याचिका में सीएसपी ने अपने कामों के कई उदाहरण भी कोर्ट के समक्ष रखे, जिसमें उन्होंने गुना की महिला पुलिस का जिक्र किया। गुना में मोबाइल पुलिस स्टेशन शुरू करने की बात कही गई, इसके साथ ही मंडला में अवैध गौमांस तस्करी भी रोकी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के फैसले पर दखल ना देते हुए कहा कि फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती है।