समाचार · मध्य प्रदेश
हरदा में 10 दिन बाद खाद वितरण शुरू:लोगों की लगी लंबी कतारें, टोकन बांटकर किसानों को दिया गया खाद
हरदा जिले में मंगलवार से 10 दिनों के अंतराल के बाद खाद का वितरण फिर शुरू हो गया। खाद वितरण केंद्रों पर सुबह से दोपहर तक किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। बड़ी संख्या में महिलाएं भी खाद लेने के लिए लाइन में खड़ी नजर आईं। ई-टोकन व्यवस्था स्थगित होने के बाद 5 अगस्त से खाद वितरण बंद था, जिसे अब नई व्यवस्था के साथ शुरू किया गया है। बिना टोकन शुरू हुआ वितरण, बढ़ा विवाद मंगलवार को शुरुआत में किसानों को बिना टोकन के खाद बांटा गया। इस दौरान खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ बढ़ गई और आपस में वाद-विवाद की स्थिति बनने लगी। इसके बाद प्रशासन ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए टोकन के जरिए खाद वितरण शुरू कराया। पहले टोकन, फिर किसानों को खाद नई व्यवस्था के तहत किसानों को पहले टोकन दिया जा रहा है और इसके बाद उसी के आधार पर खाद का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी किसानों को समान रूप से खाद उपलब्ध कराना है। कुछ किसानों ने नई व्यवस्था पर संतोष जताते हुए इसे पहले की व्यवस्था से बेहतर बताया। हालांकि, कुछ किसानों का कहना था कि लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल सका। किसान को 10 से 20 बोरी यूरिया खाद वितरण केंद्र पर प्रत्येक किसान को न्यूनतम 10 और अधिकतम 20 बोरी यूरिया दिया जा रहा है। किसानों की जरूरत और उपलब्धता के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। कृषि उप संचालक प्रकाश ठाकुर ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। फिलहाल करीब 8 हजार मीट्रिक टन यूरिया मौजूद है। किसान इस यूरिया का मुख्य रूप से मक्का की फसल के लिए उपयोग कर रहे हैं।