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राघव चड्ढा के दिल्ली वोट पर सियासत गरमाई:ढांडा बोले - 2 सितंबर दिल्ली में वोट बना, इतनी तेज तो बुलेट ट्रेन नहीं चलती
जाब बीजेपी के सांसद राघव चड्ढा के वोट पर पंजाब से लेकर दिल्ली तक सियासत गरमाई हुई है। अब पता चला है कि राघव चड्ढा का वोट दिल्ली में दो सितंबर को ही बन गया था। यह जानकारी आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने दी। उन्होंने कहा कि राघव ने 26 अगस्त को वोट के लिए अप्लाई किया था और दो सितंबर को दिल्ली के राजिंदर नगर में उनका वोट बन गया था। जिस गति से उनका वोट बना था, उस गति से मोदी जो बुलेट ट्रेन भारत लाने वाले थे, वह नहीं चलती। उन्होंने कहा कि अगर वोट पहले ही बन गया था तो तीन सितंबर को उन्होंने ट्विटर पर पंजाब सरकार पर आरोप क्यों लगाए। उन्होंने कहा इससे पता चलता है कि बीजेपी व राघव चड्ढा पंजाब से कितनी नफरत करते हैं। अब अनुराग ढांडा ने पीसी में क्या कहा, जानिए आप नेता ने कहा कि राघव का दिल्ली में कैसे वोट बना। इस पर अब चुनाव आयोग का जवाब आया है। आयोग ने बताया कि राघव ने 26 अगस्त को फॉर्म भरकर आवेदन किया। सात दिन का समय पूरा होते ही उनका राजिंदर नगर से वोट बन गया। लेकिन तीन सितंबर को राघव चड्ढा छाती पीटकर रो रहे थे कि पंजाब सरकार ने मेरा वोट कटवा दिया। जबकि इनका दिल्ली में दो सितंबर को उनका वोट बन गया। वोट से पंजाब सरकार का कोई लेना-देना नहीं होता है। यह चुनाव आयोग की एक्सरसाइज है। उन्होंने राघव चड्ढा के ट्वीट व वोट की कॉपी दिखाते हुए कहा कि यह दोनों कागज इसका काला चिट्ठा है। चुनाव आयोग ने बताया कि 26 अगस्त को दिल्ली में वोट के लिए आवेदन किया। वह तीन सितंबर को राघव रो रहे थे। राघव का वोट इतनी तेजी से बना, उतनी तेजी से तो बुलेट ट्रेन नहीं चलती है। इसका जवाब चुनाव आयोग को देना है। अधिकारियों को लगता है कि अमित शाह के फोन, ज्ञानेश कुमार के आदेश से कुछ भी कर सकते हैं। इसका जवाब उन्हें देना होगा। राघव चड्ढा को लगता है कि वह सरकार में बैठे हैं तो कुछ भी कर सकते हैं, तो उनका जवाब देना है।