Thursday, 5 November 2026
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प्रमोशन मामले में रिम्स के 28 असिस्टेंट-एसोसिएट प्रोफेसरों को राहत, 8 हफ्ते में लाभ देने का आदेश

INT News5 November 2026 at 09:34 pm

रांची: झारखंड हाइकोर्ट ने प्रोन्नति से जुड़े मामले में रिम्स के 28 शिक्षकों को बड़ी राहत दी है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ जेनिथ हर्ष केरकेट्टा व अन्य तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ उपेंद्र प्रसाद साहू व अन्य की ओर से दायर अलग-अलग याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए रिम्स प्रबंधन को आठ सप्ताह के अंदर प्रोन्नति का लाभ देने का निर्देश दिया है.

रिम्स प्रशासन को दिया गया निर्देश

अदालत ने डॉ जेनिथ हर्ष केरकेट्टा व अन्य के मामले में प्रार्थियों के दावे को उचित मानते हुए रिम्स को सभी योग्य प्रार्थियों को एक जुलाई 2019 की तिथि से एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नति देने का आदेश दिया है. इसके साथ ही उन्हें प्रोन्नति से जुड़े अन्य लाभ भी देने को कहा है. वहीं, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ उपेंद्र प्रसाद साहू व अन्य के मामले में अदालत ने प्रार्थियों को एक जुलाई 2019 की तिथि से एडिशनल प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नति का लाभ देने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा है कि रिम्स नियमावली के प्रावधानों के तहत सभी प्रार्थियों को प्रोन्नति और उससे जुड़े उत्तरोत्तर लाभ आठ सप्ताह के अंदर प्रदान किये जायें.

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2019 से लंबित था प्रमोशन का मामला

सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को बताया कि वर्ष 2019 से ही रिम्स प्रबंधन ने शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला लंबित रखा था. प्रबंधन की ओर से प्रार्थियों को कई बार साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रोन्नति का लाभ नहीं दिया गया.

जनरल बॉडी मीटिंग में प्रमोशन देने पर बनी थी बात

अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि रिम्स की 55वीं जनरल बॉडी मीटिंग में रिम्स नियमावली-2014 के आधार पर सभी योग्य शिक्षकों को प्रोन्नति देने का प्रस्ताव पारित किया गया था. इसके बाद प्रोन्नति समिति ने दोनों मामलों के सभी 28 प्रार्थियों को वर्ष 2024 में प्रोन्नति के योग्य माना था. इसके बावजूद रिम्स प्रशासन ने उन्हें प्रोन्नति का लाभ नहीं दिया. अंततः प्रार्थियों को न्याय के लिए हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा.