Sunday, 6 September 2026
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हिसार में कांग्रेस विधायक ने उठाया अर्थव्यवस्था का मुद्दा:GDP के साथ रोजगार-आय के आंकड़े मांगें; बोले- आम आदमी की जेब खाली क्यों

INT News6 September 2026 at 02:54 pm

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अब हरियाणा के हिसार जिले से कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने सवाल उठाए हैं। सरकार जहां अप्रैल-जून तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रहने की बात कह रही है, वहीं सेलवाल का कहना है कि जमीन पर आम आदमी की आर्थिक स्थिति इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। उकलाना में लोगों की समस्याएं सुनते हुए सेलवाल ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते रोजमर्रा के खर्च ने आम परिवार का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के हवाले से दावा किया कि पुराने GDP आधार पर वास्तविक आर्थिक वृद्धि करीब 2.6 प्रतिशत ही बैठती है। सेलवाल ने GDP के आंकड़ों में बदलाव को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल अप्रैल-जून की GDP पहले करीब 86 लाख करोड़ रुपए बताई गई थी, जो नई सीरीज में करीब 80 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जबकि मौजूदा GDP करीब 88 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। विधायक ने सरकार से करीब 6 लाख करोड़ रुपए के इस अंतर का कारण साफ करने की मांग की है। खाद्य पदार्थों के दामों का दिया हवाला विधायक ने कहा कि GDP में बढ़ोतरी का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब आम लोगों की आय और खरीदारी क्षमता भी बढ़े। उन्होंने 5 सितंबर 2026 के अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव का हवाला देते हुए कहा कि चना दाल करीब 87.50 रुपए, तूर/अरहर दाल 123.41 रुपए, उड़द दाल 122.41 रुपए, मूंग दाल 111.44 रुपए और मसूर दाल 89.63 रुपए प्रति किलो के औसत भाव पर रही। उन्होंने कहा कि पैक्ड सरसों तेल करीब 200.90 रुपए, मूंगफली तेल 206.33 रुपए, सोया तेल 165.21 रुपए और सूरजमुखी तेल 192.47 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया। इसी तरह प्याज करीब 50.79 रुपए, टमाटर 38.39 रुपए और आलू 22.85 रुपए प्रति किलो के औसत भाव पर रहे। सेलवाल ने कहा कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण के दावे करती है, लेकिन आम परिवार की रसोई का बजट लगातार दबाव में है। उन्होंने कहा कि प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हाल में सरकार को बफर स्टॉक से 35 रुपए प्रति किलो की दर पर प्याज बेचने की व्यवस्था तक करनी पड़ी। महंगे ईंधन से बढ़ती परिवहन लागत का भी मुद्दा सेलवाल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, दूध, किराने और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका असर पड़ता है। उन्होंने 6 सितंबर के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में पेट्रोल करीब 102.12 रुपए और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर, जबकि हरियाणा में पेट्रोल करीब 103.32 रुपए प्रति लीटर है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत करीब 948 रुपए बताई गई है। GDP के साथ आम आदमी की जेब का भी हिसाब बताए सरकार विधायक ने कहा कि जब परिवारों को भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, मकान, परिवहन और ईंधन पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है, तो केवल GDP के आंकड़े के आधार पर आर्थिक खुशहाली का दावा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से GDP के साथ प्रति व्यक्ति वास्तविक आय, रोजगार, ग्रामीण मांग, मजदूरी, बचत, घरेलू खर्च और महंगाई से जुड़े आंकड़े भी सार्वजनिक करने की मांग की। सेलवाल ने सवाल किया कि यदि अर्थव्यवस्था करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है तो इसका असर आम आदमी की बचत, रोजगार, खरीदारी की क्षमता और जीवन स्तर में क्यों नहीं दिखाई दे रहा? उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास की असली कसौटी केवल GDP का आंकड़ा नहीं, बल्कि यह भी है कि महीने के अंत में आम परिवार की जेब में कितना पैसा बच रहा है।