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डेरा प्रमुख की सजा बरकरार, हाईकोर्ट ने जेल भेजा:होशियारपुर में अनुयायी की बेटी का काउंसिलिंग के बहाने रेप किया; ₹6 लाख मुआवजा भी देना होगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने करीब 26 साल पुराने रेप के मामले में निचली अदालत से दोषी ठहराए गए डेरा प्रमुख बाबा धनवंत सिंह की 10 साल की कठोर कैद की सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपए मुआवजा देने के भी आदेश दिए। कोर्ट ने कहा- पीड़िता को आरोपी के हाथों यौन शोषण का सदमा झेलना पड़ा। इसके बाद उसे लंबे समय तक न्याय की तलाश करनी पड़ी। इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत पीड़िता को 6 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश देती है। अनुयायी की बेटी से रेप का दोषी ठहराए जाने पर डेरा प्रमुख को साल 2005 में सजा हुई थी। इसके कुछ ही दिन बाद डेरा प्रमुख ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई और जमानत ले ली। तब से बाबा धनवंत सिंह जेल से बाहर था और अपने डेरे में प्रवचन कर रहा था। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब उसे दोबारा जेल में डाल दिया गया है। 26 साल पुराना पूरा मामला जानिए करीब 3 साल पहले जेल में बिता चुका डेरा प्रमुख रेप के आरोप लगने के बाद डेर प्रमुख धनवंत सिंह को 29 अगस्त 2002 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे 2005 में सजा हुई। हालांकि, 2005 में ही उसने जमानत ले ली। तब से वह जेल के बाहर ही था। अब हाईकोर्ट के आदेश पर उसे दोबारा जेल हो गई है। हालांकि, वह पहले ही करीब 3 साल जेल में ही काट चुका है। एडिशनल सेशन कोर्ट के ट्रायल के दौरान उसने जितने दिन जेल में काटे थे, उन दिनों को घटाकर अब उसे सजा के 10 साल में से बचे बाकी के दिन जेल में ही काटने होंगे। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जालंधर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म, घर पर बुलाकर बनाया हवस का शिकार जालंधर के वेस्ट हल्के के भार्गव कैंप इलाके में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पड़ोसी प्रवासी युवक द्वारा 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर मामला दर्ज हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…