Wednesday, 16 September 2026
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भोपाल में सस्ते में गिरवी प्रॉपर्टी दिलाने का झांसा:कारोबारी से 2.24 करोड़ ठगे, फाइनेंस कंपनी के खातों में जमा कराई रकम

INT News16 September 2026 at 01:52 pm

भोपाल के एमपी नगर इलाके में गिरवी रखी प्रॉपर्टी को नीलामी में सस्ते दामों पर दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 2.24 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों और उनके एजेंटों ने प्रॉपर्टी को बिड के जरिए नीलाम किए जाने की जानकारी देकर फरियादी से रकम कंपनी के खातों में जमा करा ली। इसके बाद न तो प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराई गई और न ही जमा रकम वापस की गई। शिकायत की जांच के बाद एमपी नगर पुलिस ने मंगलवार की दे रात कंपनी के तीन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। एजेंटों के जरिए बताई नीलामी की प्रक्रिया पुलिस के मुताबिक रिवेरा टाउन निवासी मनेंद्र प्रताप सिंह (45), पिता हेत सिंह ने मामले में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फायनेंस कंपनी की गिरवी रखी प्रॉपर्टी को नीलामी के जरिए बेचने की जानकारी कंपनी से जुड़े एजेंटों के माध्यम से उन्हें दी गई थी। उन्हें बताया गया कि बिड प्रक्रिया के जरिए प्रॉपर्टी हासिल की जा सकती है। प्रॉपर्टी सस्ते दाम में मिलने की उम्मीद में मनेंद्र ने कंपनी की ओर से बताए गए खातों में करीब 2.24 करोड़ रुपए जमा करा दिए। रकम जमा होने के बाद न प्रॉपर्टी मिली, न पैसा शिकायत के अनुसार रकम जमा कराने के बाद फरियादी को न तो संबंधित प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराई गई और न ही उसकी जमा रकम वापस की गई। लंबे समय तक इंतजार और संपर्क के बावजूद समाधान नहीं होने पर मनेंद्र ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आवेदन की जांच के दौरान रकम जमा होने, कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका और प्रॉपर्टी की नीलामी से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की। जांच के बाद पुलिस ने कंपनी के अधिकारी विश्वेश चंदेल, सुनील वैश्य और अभय के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपियों की तलाश पुलिस ने फिलहाल मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। अधिकारियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रकम किस प्रक्रिया के तहत जमा कराई गई और ठगी में कंपनी से जुड़े अन्य लोगों या एजेंटों की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस 2.24 करोड़ रुपए के लेनदेन, नीलामी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और कंपनी के खातों की भी जांच कर रही है।