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वैश्विक सेमीकंडक्टर मैप पर चमकेगा गुजरात, दैनिक 1.50 करोड़ बनेंगी चिप

Ahmedabad. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अहमदाबाद जिले के साणंद में आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही साणंद ने सेमीकंडक्टर प्लांट के मामले में हैट्रिक लगा दी है। सीजी सेमी ओएसएटी के रूप में यहां तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, जापान और थाईलैंड के इंडस्ट्री पार्टनर का यह साझा प्रतीक है। यह तकनीक भरोसा और साझेदारी का ऐसा मॉडल है, जो भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को नई गति देने वाला है। बीते सवा दो सालों में सभी ने स्केच से स्केल तक इस पूरी फेसिलिटी को आकार दिया है। आज इसके कॉमर्शियल प्रोडक्शन की शुरूआत कर रहे हैं। अभी यहां हर साल 20 करोड़ चिप (सेमीकंडक्टर चिप) बनेगी। मुझे बताया गया है कि हर साल 500 करोड़ चिप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी हर दिन डेढ़ करोड़ से ज्यादा चिप बनेगी। मुझे पक्का विश्वास है कि इसे बहुत जल्द हांसिल कर लिया जाएगा। 2024 में शिलान्यास, 2025 में चिप टेस्टिंग, अब उत्पादन प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था और अगस्त 2025 तक यहां चिप टेस्टिंग शुरू हो गई थी। इतने कम समय में योजना से उत्पादन तक पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत 'डिजाइन इन इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' के मंत्र पर तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा यह देश की तीसरी बड़ी सेमीकंडक्टर सुविधा है, जहां व्यावसायिक चिप पैकेजिंग शुरू हो गई है। साणंद बनेगा नया टेक्नोलॉजी क्लस्टर प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्र जैसे सिलिकॉन वैली, हसिंचु साइंस पार्क और सुकुबा साइंस सिटी केवल फैक्ट्रियों से नहीं बने, बल्कि मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम से विकसित हुए हैं। उसी दिशा में साणंद भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां पहले ही माइक्रोन, केन्स और सीजी सेमी जैसी कंपनियां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। आने वाले समय में केमिकल निर्माता, टेस्टिंग लैब, डिजाइन सेंटर और नए स्टार्टअप भी यहां स्थापित होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में रोजगार और उद्योगों का विस्तार होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला चरण है सेमीकंडक्टर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का विस्तार रातों रात नहीं हुआ है। यह पिछले 10 वर्षों में आई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का स्वाभाविक अगला चरण है। पहले भारत ने मोबाइल फोन निर्माण पर ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज देश मोबाइल निर्माण और निर्यात में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल हो चुका है। मोबाइल उत्पादन में 33 गुना वृद्धि दर्ज हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और निर्यातक बन गया है। वर्ष 2014 की तुलना में देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 7 गुना और निर्यात 11 गुना बढ़ चुका है। अब पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भारत में बनेगा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अंतिम उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, हाई-टेक मटेरियल और क्रिटिकल मिनरल्स सहित पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को भारत में विकसित करना है।पहले प्रोडक्ट, फिर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर। यही विकसित भारत और मेक इन इंडिया का अगला चरण है। भारत के युवा मेड इन इंडिया चिप के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की तकनीकों को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और एआइ का दौर अनुसंधान, डिजाइन, निर्माण और सप्लाई चेन प्रबंधन सहित अनेक नए रोजगार और अवसर लेकर आया है। भारत की चिप, जापान,अमरीका,यूरोप जाएगी: वैष्णव आइटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत में गुजरात के साणंद स्थित इस प्लांट में बनी चिप अब जापान, अमरीका और यूरोप भी जाएगी। यह सब पीएम नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण संभव हुआ है। पांच हजार से ज्यादा रोजगार का सृजन: सीएम मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इस प्लांट के जरिए पांच हजार से ज्यादा प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार का सृजन होगा। यह पीएम मोदी के विजन के चलते संभव हुआ है। मोदी के विजन के चलते धोलेरा में वर्ल्ड क्लास सेमीकंडक्टर सिस्टम विकसित हो रहा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए 2022 में देश में सबसे पहले सेमीकंडक्टर पॉलिसी गुजरात ने जारी की।