समाचार · मध्य प्रदेश
हरपालपुर में अवैध बिक्री, महिला से कच्ची शराब जब्त:दावा- यूपी बॉर्डर से हो रही तस्करी; पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की
छतरपुर से लगे हरपालपुर थाना क्षेत्र के गांवों में अवैध शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायतें की हैं। लोगों का दावा है कि सरसेड़, परेथा, इमलिया, भदर्रा, चुरवारी और कैथोकर समेत कुछ गांवों में अवैध शराब बेचने के ठिकाने फिर सक्रिय हुए हैं। इसी बीच हरपालपुर पुलिस ने एक महिला से 3 से 4 लीटर कच्ची शराब जब्त कर उसके खिलाफ केस दर्ज किया है। लोगों के मुताबिक, कुछ जगहों पर उत्तर प्रदेश से शराब लाकर बेचने और कुछ इलाकों में कच्ची शराब बनाने की शिकायतें हैं। लोगों ने पुलिस और आबकारी विभाग से इन गतिविधियों पर निगरानी और कार्रवाई की मांग की है। यूपी बॉर्डर से शराब आने का दावा हरपालपुर नगर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है। सीमा के कुछ हिस्सों में सड़क के एक तरफ मध्यप्रदेश और दूसरी तरफ यूपी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यूपी में शराब के दाम कम होने के कारण एमपी के कुछ लोग सीमा पार जाकर शराब खरीदते हैं। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि यूपी से स्प्रिट या शराब लाकर उसकी पैकिंग कर गांवों में बेची जाती है। मऊरानीपुर और राठ क्षेत्र से भी अवैध सप्लाई होने का दावा किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सरसेड़ और इमलिया में भट्टियों की शिकायत स्थानीय लोगों के अनुसार, हरपालपुर के पास सरसेड़ के कबूतर डेरा इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने की शिकायतें हैं। धसान नदी के किनारे लहदरा-मडोरी क्षेत्र में भी छिपकर भट्टियां चलाने का दावा किया गया है। महिला से 3-4 लीटर कच्ची शराब जब्त हरपालपुर पुलिस ने कुछ दिन पहले रेलवे पटरी के दूसरी ओर कबूतरा/आदिवासी डेरा क्षेत्र की एक महिला से कच्ची शराब जब्त की थी। हरपालपुर टीआई राजेश सिकरवार ने बताया कि महिला के पास से 3 से 4 लीटर कच्ची शराब मिली थी। शराब पॉलीथिन के पाउच में रखी थी। टीआई के मुताबिक, कम मात्रा होने के कारण महिला के खिलाफ धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज किया गया और कानूनी प्रावधान के तहत उसे मौके पर जमानत दे दी गई। कार्रवाई की मांग क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और आबकारी विभाग से गांवों में अवैध शराब बिक्री के ठिकानों की जांच, कच्ची शराब की भट्टियों पर कार्रवाई और यूपी सीमा से होने वाली कथित तस्करी पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने करीब पांच साल पहले परेथा गांव में नकली शराब से चार ग्रामीणों की मौत की घटना का भी उल्लेख किया है। इस पुराने मामले की आधिकारिक पुष्टि और घटना का रिकॉर्ड मिलने पर ही इसे विस्तृत रूप से जोड़ा जाना चाहिए।