Monday, 10 August 2026
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16 से 20 अगस्त तक UCC के खिलाफ चलेगा कैंपेन:मुस्लिम महिलाएं लीड करेंगी.. MLA बोले - अभी मुसलमान फिर सभी समुदाय के हक मारे जाएंगे

INT News10 August 2026 at 01:53 pm

भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, इंदौर से आए मुफ्ती जुनैद और भोपाल के मौलाना माज ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। विधायक आरिफ मसूद ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में लाया गया बिल न केवल मुसलमानों, बल्कि देश के पूरे संविधान का मजाक उड़ाता है। यह कानून आम जनता को मिले मौलिक अधिकारों को ध्वस्त करने का प्रयास है। संविधान का आर्टिकल 25 सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने धर्म का पालन करते हुए देश में रहने की आजादी देता है, लेकिन इस कानून के आने से इन अधिकारों पर सीधा असर पड़ेगा। मसूद ने चेतावनी दी कि अभी यह केवल मुसलमानों को प्रभावित कर रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसके दुष्परिणाम अन्य समुदायों को भी भुगतने होंगे। विधानसभा में संशोधन और सरकार का अडिग रवैया विधायक मसूद ने बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा में इस संबंध में संशोधन प्रस्ताव दिया था और प्रवर समिति (Select Committee) को भेजने की मांग की थी, ताकि इस पर विस्तृत चर्चा हो सके। हालांकि, सरकार ने अपने जिद्दी रवैये के चलते इस पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार अपनी जिद पर अड़ी हो, तो हमारा नैतिक दायित्व बनता है कि हम इस गलत निर्णय को जनता के बीच लेकर जाएं। 16 से 20 तारीख तक ज्ञापन अभियान अदालत का रुख और संगठनों की एकजुटता कानूनी कार्रवाई के सवाल पर विधायक आरिफ मसूद ने स्पष्ट किया कि वकीलों की टीम ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। यह लड़ाई किसी एक बैनर के तहत नहीं लड़ी जाएगी। इसमें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य सभी प्रमुख सामाजिक व धार्मिक तंजीमों को एक साथ शामिल करके कानूनी कदम उठाया जाएगा। वंचितों के लिए बनेगा 'राइट ऑफ द अनहर्ड' ग्रुप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुफ्ती जुनैद ने कहा कि कॉमन सिविल कोड और अन्य नए कानूनों में आम जनता, खासतौर पर वंचित वर्गों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। सरकार को बेरोजगारी, ओबीसी आरक्षण, आदिवासियों के मुद्दे और महिलाओं के गायब होने जैसे गंभीर मसलों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश स्तर पर जल्द ही 'राइट ऑफ द अनहर्ड' (Right of the Unheard) नाम से एक मंच बनाया जाएगा, जो संवैधानिक दायरे में रहकर उन सभी शोषित और वंचित वर्गों की आवाज सरकार तक पहुंचाएगा जिनकी सुनवाई नहीं हो रही है।