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करनाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल:बोले- पाकिस्तान पहले आतंकवाद खत्म करे, फिर ही बातचीत संभव,कार्यक्रम में गैरहाजिरी पर ईकाई करेगी कार्रवाई
रविवार देर रात को करनाल के रेस्ट हाउस में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। भारत-पाक रिश्तों से लेकर हरियाणा की कानून व्यवस्था, गैंगस्टर गतिविधियों, एथेनॉल और यमुना जल बंटवारे तक उन्होंने विस्तार से बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने यहां आतंकवाद खत्म करने का भरोसा देना होगा, तभी आगे किसी भी तरह की बातचीत संभव हो सकेगी। भारत-पाक रिश्तों पर बोले- पहले आतंकवाद पर कार्रवाई जरूरी
भारत और पाकिस्तान की 117 प्रमुख हस्तियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लिखे गए पत्र के सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलवामा घटना के समय ही भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि अब पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकवादी अड्डों को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि वहां से आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और जम्मू-कश्मीर में उसकी कोई भूमिका नहीं होगी। जब तक पाकिस्तान इस पर ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक अन्य मुद्दों पर बातचीत का कोई मतलब नहीं है। रेवाड़ी कार्यक्रम में विधायकों की गैरहाजिरी पर प्रतिक्रिया
बीते दिनों रेवाड़ी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम में राव इंद्रजीत समेत तीन विधायकों के नहीं पहुंचने के सवाल पर मनोहर लाल ने संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है, लेकिन इस पर जो भी कार्रवाई करनी होगी वह हरियाणा इकाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। आगे उन्होंने कहा कि जब यह मामला पूरी तरह उनके ध्यान में आएगा, तब ही यह तय होगा कि यह सही है या नहीं और क्या कार्रवाई करनी है। गैंगस्टर गतिविधियों पर चिंता जताई, युवाओं को दी चेतावनी
हरियाणा में विदेश में बैठे गैंगस्टरों द्वारा व्यापारियों से फिरौती मांगने के मामलों पर मनोहर लाल ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ युवा लालच में आकर गैंगस्टरों के साथ जुड़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस लगातार इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है और सरकार इस दिशा में गंभीर है। व्यापारियों से अपील- डरें नहीं, पुलिस को तुरंत सूचना दें
मनोहर लाल ने कहा कि यदि किसी व्यापारी को धमकी भरी कॉल आती है या फिरौती मांगी जाती है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग डर के कारण पुलिस को सूचना नहीं देते, जो गलत है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। हरियाणा सरकार कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर मामले में कार्रवाई करती है। एथेनॉल को लेकर फैली अफवाहों पर दिया जवाब
एथेनॉल के कारण गाड़ियों के खराब होने की चर्चाओं पर मनोहर लाल ने कहा कि यह एक विकसित होती तकनीक है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एथेनॉल का उपयोग 5 प्रतिशत से शुरू हुआ था, जिसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत और फिर 20 प्रतिशत किया गया। अब कुछ कंपनियां ऐसी गाड़ियां भी बना रही हैं जो 85 प्रतिशत या 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चल सकती हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल हमारे देश में कृषि उत्पादों से बनाया जा सकता है, जिससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने माना कि अगर कहीं तकनीकी कमी आती है तो विशेषज्ञ उसे सुधारेंगे और समाधान निकालेंगे। यमुना जल बंटवारे पर समझाया पूरा सिस्टम
राजस्थान को पानी देने के मुद्दे पर मनोहर लाल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 में केंद्र और राज्यों के बीच यमुना के सरप्लस पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। उन्होंने कहा कि बीच में इस पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब जो एमओयू बना है, उसमें स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब यह एमओयू पूरा हुआ था। इसके तहत हरियाणा के लिए 24 हजार क्यूसेक पानी रिजर्व रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली को पानी दिया जाएगा, उसके बाद हरियाणा को उसका हिस्सा मिलेगा। जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के चार महीनों में जो अतिरिक्त पानी होगा, उसमें से राजस्थान अपना हिस्सा ले सकेगा। नए बांधों से बदलेगी पानी की स्थिति
मनोहर लाल ने बताया कि अब आरोखा, लखवार और किशाऊ नाम के तीन नए बांध बनाए जा रहे हैं। इनसे पानी को नियंत्रित किया जाएगा और सभी राज्यों को उनका हिस्सा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में राजस्थान, हिमाचल, हरियाणा और दिल्ली सभी शामिल हैं। राजस्थान अपने खर्च पर पाइपलाइन बिछाकर पानी ले जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि यदि राजस्थान के हिस्से का पानी लेने के बाद भी कुछ बचता है तो उसका उपयोग हरियाणा के दादरी और हिसार जिलों में किया जा सकेगा। उन्होंने इसे एक संयुक्त कार्यक्रम बताया और कहा कि इससे किसी को नुकसान नहीं होगा।