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उदयपुर को नगर पंचायत बनाने का विरोध,ग्रामीणों ने निकाली रैली:सीएम ने की थी नगर पंचायत बनाने की घोषणा, तीन पंचातयों के क्षेत्र होंगे शामिल
सरगुजा जिले के उदयपुर और डूमरडीह और झिरमिटी को मिलाकर नगर पंचायत बनाए जाने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को डूमरडीह के तीनों पंचायतों के ग्रामीणों ने रैली निकाली और नगर पंचायत में शामिल करने के प्रस्ताव पर विरोध दर्ज कराया। रामगढ़ महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उदयपुर, झिरमिटी और डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी। मंगलवार को ग्राम पंचायत उदयपुर, झिरमिट्टी और डुमरडीह के करीब 250 ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन के विरोध में रैली निकालकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं सरगुजा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन उदयपुर तहसीलदार तारा सिदार को सौंपते हुए ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों को यथावत रखने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। ग्रामीणों ने कहा-निकाय बनने से बढ़ेगा बोझ
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि तीनों ग्राम पंचायतें अभी ग्रामीण स्वरूप में हैं और यहां की अधिकांश आबादी कृषि एवं उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर है। नगर पंचायत बनने से ग्रामीणों पर विभिन्न प्रकार के करों का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा, जबकि उन्हें वर्तमान में ग्राम पंचायत के माध्यम से मिलने वाली कई योजनाओं और सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि नगर पंचायत बनाए जाने से पहले स्थानीय लोगों की राय नहीं ली गई, जिससे ग्रामीणों में असंतोष है। निर्णय से पहले करें ग्रामसभा का आयोजन
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए तथा किसी भी निर्णय से पहले तीनों पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर आम जनता की सहमति प्राप्त की जाए। उनका कहना था कि ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान सोनतराई (डुमरडीह) के सरपंच नवल सिंह वरकड़े, उदयपुर सरपंच प्रताप सिंह पावले, उप सरपंच शेखर सिंह देव और झिरमिट्टी सरपंच चंदन एक्का ने कहा कि वे ग्रामीणों की भावना के अनुरूप अपनी बात शासन और प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।