समाचार · मध्य प्रदेश
धार में 6 दिन से बारिश थमी, किसान चिंतित:सोयाबीन फसल पर संकट, प्रति बीघा 10 हजार तक नुकसान की आशंका
धार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले छह दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है। मानसून की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अब बारिश थमने और तेज धूप-उमस के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। इसका सबसे अधिक असर सोयाबीन की फसल पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सोयाबीन इस समय बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे समय पर्याप्त बारिश नहीं होने से पौधों का विकास रुक सकता है। नमी की कमी के कारण फसल के पीले पड़ने और सूखने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। 'अभी बारिश नहीं हुई तो होगा नुकसान' किसान टीकम सिंह राठौड़ ने बताया कि जिले में पिछले छह दिनों से बारिश नहीं हुई है। लगातार तेज धूप के कारण खेतों की नमी खत्म होती जा रही है, जबकि सोयाबीन की फसल को इस समय सबसे अधिक पानी की जरूरत होती है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल को नुकसान होना तय है। गेहूं की तैयारी पर भी असर टीकम सिंह राठौड़ ने बताया कि नमी की कमी का असर सिर्फ वर्तमान खरीफ फसल पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि आगामी रबी सीजन की गेहूं की फसल की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं रहने से बुवाई की स्थिति भी प्रभावित होगी। किसानों का अनुमान है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो प्रति बीघा करीब 10 हजार रुपए तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।