Thursday, 27 August 2026
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तलवंडी रुक्का हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित 6 गिरफ्तार:पोते की इंटर कास्ट मैरिज बनी वजह, पनाह देने वाले भी दो पकड़े

INT News27 August 2026 at 10:51 am

हिसार के थाना आजाद नगर क्षेत्र के तलवंडी रुक्का गांव में बुजुर्ग महावीर सिंह की तेजधार हथियारों से हमला कर की गई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीआईए हिसार व थाना आजाद नगर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित 4 आरोपियों और उन्हें शरण देने वाले 2 अन्य युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल (निवासी असरांवा) और सौरभ (निवासी खरखड़ी) के रूप में हुई है। बता दें कि तलवंडी रुक्का निवासी बलवान सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके पिता महावीर सिंह (पुत्र देवतराम) रात को घर के बाहर चबूतरे पर सो रहे थे। इसी दौरान तीन अज्ञात हमलावरों ने तेजधार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। इलाज के दौरान महावीर सिंह ने दम तोड़ दिया। हत्या की वारदात CCTV में कैद हो गई थी… अंतरजातीय विवाह बना था हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के पोते ने एक युवती से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। इसी रंजिश के चलते आरोपी पक्ष ने बुजुर्ग महावीर सिंह को निशाना बनाया। मुख्य आरोपी पुनीत (निवासी रावतखेड़ा), अंकित (निवासी चिड़ोद) और हथियार मुहैया कराने वाला मनोज (निवासी चिड़ोद) को पहले ही पकड़ा जा चुका है। एसपी बोले-शरण देने वाले भी नहीं बख्शे जाएंगे इस मामले में हिसार एसपी सिद्धांत जैन का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त किसी भी आरोपी या उन्हें शरण देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में इस्तेमाल अन्य हथियारों और बाकी बचे संदिग्धों का सुराग लगाया जा सके। जानिए पुलिस को दी शिकायत में बेटे ने क्या कहा… घर के बाहर चबूतरे पर सोते थे: मृतक की पहचान आजाद नगर थाना क्षेत्र के तलवंडी रुक्का गांव निवासी महाबीर (89) के रूप में हुई है। उनके दो बेटे बलवान और ओमप्रकाश हैं। महाबीर छोटे बेटे ओमप्रकाश के पास रहते थे। बलवान ने बताया कि वह धारूहेड़ा में ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी करता है। 14 अगस्त को वह अपने गांव आया हुआ था। उसके पिता महाबीर अपने छोटे बेटे ओमप्रकाश के साथ रहते थे और रात के समय अक्सर ओमप्रकाश के मकान के बाहर बने चबूतरे पर सोते थे। खाना खाने के बाद सो गए थे: बलवान के अनुसार, 15 अगस्त की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सो गए थे। वह अपने घर की छत पर सो रहा था। देर रात उसे गली से पिता के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने छत से नीचे देखा तो तीन युवक धारदार हथियारों से चारपाई पर सो रहे उसके पिता पर हमला कर रहे थे। छत से नीचे आते ही आरोपी फरार: बलवान ने बताया कि वह तुरंत नीचे पहुंचा, लेकिन उससे पहले ही तीनों हमलावर हथियारों के साथ बाइक पर फरार हो गए। मौके पर उसके भाई ओमप्रकाश की पत्नी सुमन और भतीजा देवेंद्र भी पहुंच गए। परिजनों ने घायल महाबीर को संभाला और तुरंत सरकारी अस्पताल हिसार पहुंचाया। गले, सिर, छाती और पैरों पर कई वार: बलवान के मुताबिक, अस्पताल में डॉक्टरों ने उसके पिता को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि महाबीर के गले, सिर, छाती, हाथों और पैरों पर धारदार हथियार के कई निशान थे। काफी खून बहने के कारण उनकी मौत हुई।