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CJI सूर्यकांत ने NALSAR छात्रों पर कार्रवाई को लेकर किया सवाल, बोले-BCI का कोई लेना-देना नहीं है

CJI Surya Kant: सुप्रीम कोर्ट ने NALSAR के छात्रों से जुड़े मामले में भारतीय बार काउंसिल (BCI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर छात्र कानूनी तरीके से विरोध कर रहे हैं, तो BCI को इसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है.
कानूनी रूप से आवाज उठाने की अनुमति दी जानी चाहिए
CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा, “BCI का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अगर छात्र कानूनी रूप से अपनी आवाज उठा रहे हैं, तो इसकी अनुमति दी जानी चाहिए.”
छात्रों के नामांकन पर रोक का था मामला
मामला BCI की ओर से जारी उन सर्कुलर से जुड़ा है, जिनमें NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर रोक और हालिया घटनाक्रम में शामिल छात्रों की जांच की बात कही गई थी. NALSAR ने कहा कि वह BCI के निर्देश को अपनी कार्यकारी परिषद के सामने रखेगा और यह तय करेगा कि ऐसी जांच संवैधानिक और विश्वविद्यालय के नियमों के तहत उचित है या नहीं.
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परिषद ने आदेश वापस लिया
हालांकि, BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि परिषद ने अपने पहले के आदेश को वापस ले लिया है और छात्रों के खिलाफ कोई जांच नहीं होगी. उन्होंने कहा कि BCI का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कानून के छात्र को न्यायिक इंटर्नशिप के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.