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सांसद सुखदेव भगत को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया

लोहरदगाः लोहरदगा के कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत के राजनीतिक कद में एक बार फिर बड़ा इजाफा हुआ है. कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया है. अब तक यह जिम्मेदारी सचिन पायलट संभाल रहे थे. नई जिम्मेदारी के साथ सुखदेव भगत की राजनीतिक भूमिका लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से आगे बढ़कर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की हो गयी है.
संगठनात्मक अनुभव और जमीनी राजनीति की गहरी समझ रखने वाले सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी मिलना कांग्रेस नेतृत्व के उनके प्रति भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है. प्रदेश कांग्रेस से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक सक्रिय रहे सुखदेव भगत झारखंड कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ चुनावी राजनीति में भी अपनी मजबूत पहचान बनायी है.
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निभा चुके हैं जिम्मेदारी
सुखदेव भगत झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने और पार्टी की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का उनका अनुभव अब छत्तीसगढ़ में काम आ सकता है. वह दो बार लोहरदगा के विधायक भी रह चुके हैं और लंबे समय तक क्षेत्र की जमीनी राजनीति में सक्रिय रहे हैं.
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झारखंड-छत्तीसगढ़ की समानता का मिलेगा लाभ
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाये जाने के पीछे उनकी क्षेत्रीय समझ को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. झारखंड और छत्तीसगढ़ दोनों पड़ोसी राज्य हैं. दोनों राज्यों में बड़ी आदिवासी आबादी है तथा सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक स्तर पर भी कई समानताएं हैं. आदिवासी बहुल क्षेत्र की राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाले सुखदेव भगत के लिए छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को समझना अपेक्षाकृत सहज माना जा रहा है.
संघर्षशील नेता की बनी पहचान
कांग्रेस के भीतर सुखदेव भगत को संगठनात्मक क्षमता रखने वाले सक्रिय और संघर्षशील नेताओं में गिना जाता है. विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है. संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के साथ वह लंबे समय तक कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहे हैं. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके बेहतर संबंधों को भी उनकी राजनीतिक यात्रा में महत्वपूर्ण माना जाता है.
लोकसभा जीत के बाद बढ़ी राष्ट्रीय भूमिका
हालिया लोकसभा चुनाव में लोहरदगा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज कर सुखदेव भगत ने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की. सांसद बनने के बाद अब उन्हें कांग्रेस संगठन में छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्य का प्रभारी बनाया जाना उनके राजनीतिक सफर का एक और अहम पड़ाव माना जा रहा है. लोहरदगा जैसे आदिवासी बहुल लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता को पड़ोसी राज्य की जिम्मेदारी मिलने से झारखंड की राजनीति में भी इसकी चर्चा तेज है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में संगठन की जिम्मेदारी मिलने से सुखदेव भगत का राष्ट्रीय राजनीतिक प्रोफाइल और मजबूत होगा. हालांकि, उनके सामने चुनौती भी कम नहीं होगी. कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल, पार्टी की जमीनी गतिविधियों को गति देना, नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करना तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा.
सुखदेव भगत की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस विभिन्न राज्यों में अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. ऐसे में छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया जाना महज संगठनात्मक नियुक्ति नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है.
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विधायक से सांसद और अब प्रभारी तक
सुखदेव भगत का राजनीतिक सफर लगातार नयी जिम्मेदारियों और उपलब्धियों से जुड़ता रहा है. वह दो बार लोहरदगा के विधायक रहे हैं. इसके बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली और लोकसभा चुनाव में लोहरदगा से सांसद चुने गये. अब उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया है.
नई जिम्मेदारी के साथ उनकी सक्रियता और राजनीतिक प्रभाव का दायरा झारखंड से बाहर भी बढ़ गया है. सुखदेव भगत के विभिन्न दलों के नेताओं के साथ भी बेहतर व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, जिसे उनकी राजनीतिक कार्यशैली की एक खासियत माना जाता है.