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गुरदासपुर गौशाला में 21 जानवरों की मौत:3 दिन में घटना, गौपालकों ने प्रशासन पर उठाए सवाल, चारे व इलाज के अभाव का आरोप
गुरदासपुर जिले के अधीन आती सरकारी कलानौर गौशाला में बेजुबान जानवरों की मौत का एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक सिलसिला सामने आया है। पिछले महज तीन दिनों के भीतर गौशाला में 21 जानवरों की मौत हो चुकी है। इस सामूहिक मौत की घटना के बाद स्थानीय गौपालकों, समाज सेवियों और पशु प्रेमियों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इतनी बड़ी मौत में अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है। इतनी बड़ी संख्या में जानवरों की मौत और ठेकेदार के बकाए के गंभीर आरोपों पर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कैमरे या रिकॉर्ड पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ।
चारे और इलाज के अभाव का आरोप स्थानीय गाय पालक वरिंदर कुमार ने गौशाला के मौजूदा हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी दावों के विपरीत यहां जानवरों के लिए चारा, पानी और चिकित्सा का कोई उचित प्रबंध नहीं है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुध ली होती और बीमार जानवरों का इलाज करवाया होता, तो इतनी बड़ी संख्या में बेजुबान अपनी जान न गंवाते। ठेकेदार का खुलासा: 6 महीने से पेमेंट रुकी, 52 लाख का बकाया इस पूरे मामले में एक बड़ा प्रशासनिक गतिरोध भी सामने आया है। गौशाला में चारा सप्लाई करने वाले ठेकेदार कुलदीप घुम्मण ने बताया कि पिछले 6 महीनों से सरकार की ओर से उन्हें चारे की कोई पेमेंट नहीं की गई है। सरकार पर उनका 52 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। बजट न मिलने के कारण गौशाला में चारे की किल्लत गहरा गई है। ठेकेदार ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी बकाया राशि तुरंत जारी की जाए ताकि चारे की आपूर्ति सुचारू हो सके। नेशनल हाईवे-354 जाम करने की चेतावनी गौपालकों और क्षेत्र निवासियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि गौशाला की हालत को तुरंत सुधारा जाए और चारे-पानी व डाक्टरों का स्थायी प्रबंध किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे नेशनल हाईवे-354 (NH-354) को पूरी तरह से जाम कर तीखा प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।