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करनाल में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन:निजीकरण और स्मार्ट मीटर के विरोध में नारेबाजी; 3 दिवसीय हड़ताल की चेतावनी
हरियाणा बिजली कर्मचारी व इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर करनाल जिले के घरौंडा सिटी सब यूनिट में सब अर्बन व सिटी सब यूनिट की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए एग्री डिस्कॉम, पैरेलल लाइसेंस और स्मार्ट मीटर के विरोध में आवाज बुलंद की। साथ ही मांगें नहीं मानी गईं तो 11, 12 व 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल करने की चेतावनी दी गई। बैठक की अध्यक्षता एएचपीसी वर्कर्स यूनियन सिटी सब यूनिट के प्रधान जयकुमार और एचएसईबी सब अर्बन सब यूनिट के प्रधान प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन सब अर्बन सब यूनिट प्रधान सही राम ने किया। इस दौरान एचएसईबी यूनियन के केंद्रीय कमेटी नेता देवेंद्र शर्मा और एएचपीसी वर्कर यूनियन के केंद्रीय कमेटी नेता रमेश कुमार (यूनिट नंबर-2, करनाल) विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों यूनियनों के यूनिट व सब यूनिट पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया। सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों के हितों का हवाला देकर एग्री डिस्कॉम बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसे तुरंत रोका जाए। इसके अलावा गुरुग्राम व नूंह में पैरेलल लाइसेंस देने की योजना पर भी रोक लगाने की मांग की गई। कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे आम उपभोक्ता और कर्मचारी दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें लागू किया जाए। विभाग को निजीकरण की ओर ले जाना गलत उन्होंने बताया कि पहले बिजली बोर्ड पर करीब 498 करोड़ रुपए का घाटा था, जो अब बढ़कर 29 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उनका कहना था कि सरकार के गलत फैसलों के कारण यह स्थिति बनी है। ऐसे में विभाग को सुधारने के बजाय निजीकरण की ओर ले जाना गलत है। बैठक में कहा गया कि विभाग में कनेक्शनों के हिसाब से नियमित भर्ती की जाए ताकि कार्यप्रणाली मजबूत हो सके।