Tuesday, 11 August 2026
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बिहार संपर्क क्रांति, मगध, श्रमजीवी एक्सप्रेस समेत 100 ट्रेनों को लेकर फैसला, बढ़ाई जायेंगी सीटें, रेलवे बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट

INT News11 August 2026 at 11:12 am

Indian Railway: ट्रेन में टिकट बुक कराने के बाद अगर नाम वेटिंग लिस्ट में चला जाता है तो अब राहत की उम्मीद है. खासकर बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे जल्द बड़ा बदलाव करने जा रहा है. यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की रैक में चार अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी है.

आने वाले दिनों में कई ट्रेनें 20 की जगह 24 बोगियों के साथ दौड़ेंगी. इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक ट्रेन में ही 350 से अधिक अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो सकेंगी. इससे लंबी दूरी की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और वेटिंग लिस्ट का दबाव भी कम हो सकता है.

इस वजह से बढ़ाए जायेंगे जेनरल कोच

रेलवे बोर्ड करीब 3200 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए नई मानक संरचना लागू करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत 24 कोच वाली एलएचबी रैक में स्लीपर और जनरल कोच की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है. नई व्यवस्था में हर ट्रेन में कम से कम 6 से 8 स्लीपर कोच और 4 जनरल कोच रखना अनिवार्य होगा. खास तौर पर जनरल कोच बढ़ाने का फैसला आम यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

बिहार की इन ट्रेनों में मिलेगा फायदा

मुजफ्फरपुर और बिहार से होकर गुजरने वाली कई व्यस्त ट्रेनों को इस योजना का फायदा मिल सकता है. इनमें पवन एक्सप्रेस, मिथिला एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस समेत लगभग 100 ट्रेनें शामिल हैं. दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों से बिहार आने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है

भीड़ वाली ट्रेनों में तुरंत जुड़ेंगे कोच

रेलवे की योजना सिर्फ स्थायी तौर पर कोच बढ़ाने तक सीमित नहीं है. जिन ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ ज्यादा होगी, उनमें जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बोगियां तुरंत जोड़ी जा सकेंगी. इससे पीक सीजन में यात्रियों को ज्यादा ऑप्शन मिलेंगे. त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ में अतिरिक्त कोच काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं.

रेलवे बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट

24 कोच वाली लंबी रैक चलाना रेलवे के लिए भी आसान नहीं होगा. इसके लिए कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई और सिग्नलिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना पड़ेगा. फिलहाल कई स्टेशनों की व्यवस्था 22 कोच तक की ट्रेनों के हिसाब से है. रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे से 24 कोच वाली ट्रेनों के परिचालन को लेकर तैयारी और व्यवस्था की समीक्षा रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे.

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