Wednesday, 15 July 2026
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झाबुआ बस स्टैंड की 13 दुकानों का विवाद:नगर पालिका में बैठक, लेकिन समाधान पर सस्पेंस अब भी बरकरार

INT News15 July 2026 at 08:44 pm

झाबुआ बस स्टैंड की 13 दुकानों के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 जुलाई को सकल व्यापारी संघ द्वारा बुलाए गए सफल बंद के बाद भी मंगलवार और बुधवार को शहर में तनाव बना रहा। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए गुरुवार को नगर पालिका दफ्तर में प्रशासनिक अफसरों और व्यापारियों के बीच एक बैठक भी हुई, लेकिन इसके बाद भी समझौते की राह फिलहाल आसान नहीं दिख रही है। यह महत्वपूर्ण बैठक नगर पालिका अध्यक्ष कविता सिंगार, सीएमओ मिलन पटेल और राजस्व सभापति विजय चौहान की मौजूदगी में हुई। व्यापारियों के साथ हुई इस बातचीत को पूरी तरह गोपनीय रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर पालिका कार्यालय के मुख्य गेट तक बंद कर दिए गए थे। नतीजा अब भी बेअसर, बातचीत जारी काफी देर चली इस बैठक के खत्म होने के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका। दोनों ही पक्षों ने इस पर खुलकर कुछ भी बोलने से परहेज किया। सीएमओ मिलन पटेल ने जहां इसे केवल एक 'अनौपचारिक मुलाकात' बताया, वहीं दुकानदारों ने भी संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "अभी बातचीत चल रही है।" ऐसे में दुकानों के मालिकाना हक का मामला अब भी उलझा हुआ है। दूसरी तरफ, राजस्व सभापति विजय चौहान ने उम्मीद जताते हुए कहा कि व्यापारियों के साथ सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि पहले व्यापारियों की बात दूसरों के जरिए आ रही थी जिससे संवाद पूरा नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब अध्यक्ष और सीएमओ से सीधी बातचीत होने के बाद जल्द ही कोई अच्छा समाधान निकलने की उम्मीद है। राजनीतिक रंग ले चुका है पूरा मामला यह पूरा विवाद बीते 6 जुलाई की बैठक के बाद से और ज्यादा गर्मा गया है। कांग्रेस पार्षदों ने इस मुद्दे पर खुलकर व्यापारियों का समर्थन किया है, जिससे नगर पालिका प्रशासन पर खासा दबाव बन गया है। इस विवाद ने तब राजनीतिक रूप ले लिया जब बंद के दौरान नगर पालिका के उपाध्यक्ष लखन सिंह सोलंकी खुद व्यापारियों के साथ खड़े नजर आए और उन्होंने "अब परिषद हम चलाएंगे" जैसा बड़ा बयान दे दिया। इसके बाद मंगलवार को भाजपा पार्षदों ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा।