Wednesday, 15 July 2026
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CCTV में 4 बार कैश चुराते दिखा आरोपी, बद्रीनाथ मंदिर चंदा चोरी केस में नया खुलासा

INT News15 July 2026 at 09:42 pm

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल मंदिर में दान की गिनती के दौरान एक नहीं, बल्कि कम से कम चार अलग-अलग मौकों पर नकदी चुराते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया है। मामले की जांच कर रही चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने यह जानकारी दी।4 बार नकदी चुराता दिखा आरोपीहिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बद्रीनाथ थाना प्रभारी (SHO) महादेव उनियाल ने बताया- पुलिस ने अब तक 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को हुई दान की गिनती की सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। इन चारों दिनों की रिकॉर्डिंग में आरोपी प्रमोद नौटियाल कथित तौर पर कई बार नकदी छिपाकर चोरी करता नजर आया।पुराने सीसीटीवी फुटेज हो चुके डिलीटपुलिस के मुताबिक, इस यात्रा सीजन में बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब तक कुल 34 बार दान की गिनती हो चुकी है। हालांकि पुराने सीसीटीवी फुटेज स्टोरेज भर जाने के कारण अपने आप डिलीट हो चुके हैं। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी इससे पहले भी इसी तरह की हरकत करता रहा हो, लेकिन उसके सबूत अब उपलब्ध नहीं हैं।प्रमोद नौटियाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासतप्रमोद नौटियाल को रविवार शाम देहरादून स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन उसे चमोली की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने तीन दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने इसे मंजूरी नहीं दी।चढावा गिनती की निगरानी भी करता था…प्रमोद नौटियाल श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष का निजी सहायक था। वह वीआईपी प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती की निगरानी भी करता था। वह वर्ष 2003 में समिति से जुड़ा था और 2014 में उसकी सेवा नियमित कर दी गई थी।पूछताछ में चोरी की बात नहीं स्वीकारीपुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार नहीं की और सवालों से बचने की कोशिश करता रहा। अब तक उसके पास से कथित रूप से चोरी की गई नकदी या सोने-चांदी के सिक्के बरामद नहीं हो सके हैं। केवल एक शालिग्राम शिला बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपी की रिमांड के लिए सत्र अदालत में दोबारा आवेदन करेगी ताकि चोरी की रकम और अन्य सामान की बरामदगी की जा सके।कोषाध्यक्ष संदीप मेहता को पद से हटायाइस बीच जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस के अनुसार, दान गिनने की प्रक्रिया के दौरान एक अन्य व्यक्ति की गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गई हैं, जिसकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। उधर, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दान गिनने की व्यवस्था में बदलाव करते हुए कोषाध्यक्ष संदीप (संदेश) मेहता को इस जिम्मेदारी से हटा दिया है।समिति का कहना है कि उनके खिलाफ कोई वित्तीय अनियमितता नहीं मिली, लेकिन दान तौलने की प्रक्रिया में कुछ कमियां सामने आने के कारण यह फैसला लिया गया। मामले की जांच फिलहाल पुलिस SIT, मंदिर समिति की आंतरिक समिति और उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति अलग-अलग स्तर पर कर रही हैं।