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रतिया विधायक जरनैल सिंह को सदस्यता रद्द करने का नोटिस:विधानसभा में बीजेपी मंत्रियों संग पोस्टर लहराया, कांग्रेस विरोधी नारेबाजी पर कार्रवाई
हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी लाइन से हटकर सदन में आचरण करने के मामले में रतिया से विधायक जरनैल सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कांग्रेस विधायक दल (CLP) के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) भारत भूषण बत्तरा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर बिंदुवार जवाब मांगा है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पूरा मामला क्या है? 27 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच आयोजित हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक दल द्वारा एक स्थगन प्रस्ताव लाया गया था। इसके लिए पार्टी के मुख्य सचेतक द्वारा सदस्यों को सदन में उपस्थित रहने और प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया गया था। आरोप है कि विधायक जरनैल सिंह ने सचेतक इन्दुराज नरवाल द्वारा दिए जा रहे व्हिप को लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद सदन में जब स्थगन प्रस्ताव आया, तब बाकी कांग्रेस विधायकों के विपरीत जरनैल सिंह पार्टी के समर्थन में खड़े नहीं हुए। 3 बड़े आरोप, जिनसे बढ़ीं मुश्किलें.. राज्यसभा चुनाव में भी हुई थी अनुशासनहीनता नोटिस में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जरनैल सिंह को द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह द्वारा प्राथमिक सदस्यता से पहले ही निलंबित (किया जा चुका है। 17 बिंदुओं पर मांगा गया जवाब..