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मसना की जमीन के लिए चंदा नहीं दिया, तो शव दफनाने से रोका, प्रशासन ने सुलझाया मामला

कैरो (लोहरदगा). कैरो प्रखंड के हनहट पंचायत अंतर्गत गितिलगढ़ गांव में शुक्रवार रात बुधु टाना भगत की पत्नी मिलिया टाना भगत का निधन हो गया. शनिवार को शव को आदिवासी मसना में दफनाने को लेकर ग्रामीणों और परिजनों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
ग्रामीणों का कहना था कि आदिवासी मसना की जमीन गांव के लोगों ने चंदा कर खरीदी है. ग्रामीणों के अनुसार, बुधु टाना भगत ने जमीन खरीदने के लिए चंदा नहीं दिया था. इसी आधार पर ग्रामीणों ने उनके परिवार के सदस्य का शव मसना में दफनाने पर आपत्ति जतायी.
पुरखौती जमीन को लेकर भी हुआ विवाद
बताया गया कि इसके बाद बुधु टाना भगत अपनी पुरखौती जमीन पर कब्र खोद रहे थे. इस पर गोतिया पक्ष के लोगों ने भी जमीन की मापी कराने और अपने हिस्से की जमीन पर ही शव दफनाने की बात कही. इससे मामला और उलझ गया. विवाद की सूचना मिलने पर प्रखंड एवं अंचल प्रशासन के साथ पुलिस मौके पर पहुंची. अंचलाधिकारी कुमारी शीला उरांव, प्रखंड विकास पदाधिकारी छंदा भट्टाचार्य और थाना प्रभारी रविरंजन कुमार ने ग्रामीणों के साथ बैठक की.
समझौते के बाद मसना में दफनाया गया शव
अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर मामले में समन्वय स्थापित किया और सभी पक्षों को समझाया. इसके बाद सहमति बनी और मिलिया टाना भगत के शव को आदिवासी मसना में दफना दिया गया. मौके पर अंचल एवं थाना के कर्मियों के अलावा गांव के गणमान्य लोग और समाज के सदस्य मौजूद थे.