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हर-हर महादेव के जयघोष से शिवमय हुआ प्रयागराज का दशाश्वमेध घाट,शिव भक्तों ने की सुख-शांति की कामना

UP News: प्रयागराज के दारागंज इलाके में स्थित दशाश्वमेध घाट सावन के चलते आस्था का बड़ा केंद्र बन गया है. भोर होते ही गंगा किनारे श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है और दिन चढ़ने तक पूरा घाट कांवड़ियों से भर जाता है. लोग पहले गंगा में स्नान कर रहे हैं, फिर पात्रों और कांवड़ में जल भरकर शिवालयों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं. घाट पर गूंजते हर-हर महादेव के स्वर श्रद्धालुओं के उत्साह को लगातार बढ़ा रहे हैं.
पूजा-अर्चना के साथ परिवार की सुख-शांति की कामना
धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाट पर पुरोहितों की भी सक्रिय भूमिका दिख रही है. वे कांवड़ियों से संकल्प कराकर गंगाजल संग्रह की परंपरा पूरी करा रहे हैं. भक्त अपने घर-परिवार की खुशहाली, रोगों से मुक्ति और जीवन में शांति की कामना करते हुए पूजा कर रहे हैं. कई लोग अपनी गलतियों का स्मरण कर भगवान शिव से क्षमा भी मांगते नजर आए. भक्ति गीतों, घंटियों और जयकारों की आवाज के बीच घाट का हर कोना श्रद्धामय है.
डाक बम और सामान्य कांवड़ियों ने बढ़ाया यात्रा का उत्साह
यात्रा में डाक बम कांवड़िए अलग पहचान बना रहे हैं. सफेद वस्त्र पहने ये शिवभक्त निर्धारित समय में मंदिर पहुंचने के लिए बिना ठहरे तेज गति से चल या दौड़ रहे हैं. उनके लिए कांवड़ को जमीन पर न रखना और अनुशासन बनाए रखना विशेष महत्व रखता है. वहीं, सामान्य कांवड़िए साथियों के साथ यात्रा को उत्सव की तरह जी रहे हैं. रास्ते भर भजन, ढोल और नृत्य के बीच वे अलग-अलग शिव मंदिरों में जल चढ़ाने निकल पड़े हैं.
सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था के बीच आस्था का भव्य संगम
प्रशासन और स्थानीय सेवाभावी संगठन घाट पर आने वाले लोगों की सुविधा का भी ध्यान रख रहे हैं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मार्गों पर व्यवस्था की गई है, जबकि श्रद्धालुओं को स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है. गंगाजल लेकर रवाना हो रहे भक्तों का एक ही विश्वास है कि भोलेनाथ का आशीर्वाद उनके परिवारों पर बना रहे. इसी अटूट भरोसे ने प्रयागराज की इस कांवड़ यात्रा को विशेष बना दिया है.
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