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धौनी, सौरभ तिवारी के बाद अब कुमार कुशाग्र की बारी, जानें झारखंड के किन क्रिकेटरों ने पहनी है टीम इंडिया की जर्सी

INT News17 October 2026 at 01:47 am

जमशेदपुर : जमशेदपुर के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का भारतीय टीम में चयन हुआ है. इसके साथ ही झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर है. महेंद्र सिंह धोनी, ईशान किशन, वरुण आरोन, सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम जैसे खिलाड़ियों के बाद अब कुमार कुशाग्र भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. हालांकि, झारखंड की क्रिकेट प्रतिभाओं का इतिहास राज्य गठन से भी पुराना है. अविभाजित बिहार के दौर में रणधीर सिंह, सुब्रतो बनर्जी और सबा करीम जैसे खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था.

जमशेदपुर के कुमार कुशाग्र को मिला बड़ा मौका

लौहनगरी जमशेदपुर की क्रिकेट प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है. शहर के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को भारतीय टीम में जगह मिली है. उनके चयन से जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले कुशाग्र के लिए यह करियर का महत्वपूर्ण अवसर है.

झारखंड के कई क्रिकेटर मनवा चुके हैं अपनी प्रतिभा का लोहा

कुमार कुशाग्र से पहले भी झारखंड के कई क्रिकेटरों ने भारतीय टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. इनमें सबसे बड़ा नाम भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी का है. वहीं, ईशान किशन, वरुण आरोन, सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

धौनी ने झारखंड को दिलायी विश्व क्रिकेट में पहचान

रांची के महेंद्र सिंह धौनी ने भारतीय क्रिकेट को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया. वर्ष 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती. विकेटकीपिंग, बल्लेबाजी और कप्तानी के दम पर धौनी ने विश्व क्रिकेट में अलग पहचान बनायी. उनकी सफलता ने झारखंड के युवा क्रिकेटरों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी.

ईशान किशन ने वनडे में दोहरा शतक लगाकर रचा इतिहास

झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनायी. वर्ष 2021 में वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले ईशान ने दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में 210 रनों की शानदार पारी खेली थी. उन्होंने उस समय वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था. वर्ष 2023 में उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में भी खेलने का मौका मिला.

वरुण आरोन की रफ्तार ने दुनिया का ध्यान खींचा

जमशेदपुर के तेज गेंदबाज वरुण आरोन भी भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले आरोन ने वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. उन्होंने भारत के लिए टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला. जमशेदपुर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने वाले आरोन शहर के युवा तेज गेंदबाजों के लिए प्रेरणा बने.

सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम ने भी पहनी टीम इंडिया की जर्सी

जमशेदपुर के बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरभ तिवारी ने वर्ष 2010 में भारतीय वनडे टीम में पदार्पण किया था. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था. वहीं, झारखंड के अनुभवी बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज शाहबाज नदीम ने घरेलू क्रिकेट में लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2019 में भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनायी. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था. नदीम का चयन इस बात का उदाहरण बना कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी भारतीय टीम के दरवाजे खुलते हैं.

अविभाजित बिहार के दौर में भी तीन खिलाड़ियों ने बढ़ाया था मान

झारखंड के क्रिकेट का गौरवशाली इतिहास 15 नवंबर 2000 को राज्य गठन से पहले का है. अविभाजित बिहार के समय भी इस क्षेत्र से जुड़े क्रिकेटरों ने भारतीय टीम में जगह बनायी थी.

रणधीर सिंह : जमशेदपुर से जुड़े तेज गेंदबाज रणधीर सिंह ने वर्ष 1975 में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था. वह भारत के लिए दो वनडे मैच खेले. उस दौर में बिहार से राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि थी.

सुब्रतो बनर्जी : तेज गेंदबाज सुब्रतो बनर्जी ने वर्ष 1991 में भारतीय वनडे टीम में पदार्पण किया था. उन्होंने वर्ष 1992 में टेस्ट क्रिकेट भी खेला. वह 1992 के विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे. अविभाजित बिहार के दौर में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनायी.

सबा करीम : विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम ने वर्ष 1997 में भारतीय वनडे टीम में पदार्पण किया. इसके बाद वर्ष 2000 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट भी खेला. बिहार की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले सबा करीम ने भारतीय टीम में अपनी जगह बनायी और बाद में क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े.