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जुबीन गर्ग की मौत के मामले में सस्पेंड DSP संदीपन गर्ग को मिली राहत, हाई कोर्ट ने दी जमानत

INT News16 October 2026 at 10:46 pm

Zubeen Garg death case : असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग ( Zubeen Garg ) की मौत के मामले में गुवाहाटी हाई कोर्ट ने निलंबित डीएसपी संदीपन गर्ग को जमानत दे दी है. शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. संदीपन गर्ग, जुबीन गर्ग के चचेरे भाई हैं और इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने उन्हें गिरफ्तार किया था. हालांकि, सरकारी वकील ने बताया कि अदालत ने अभी पूरा आदेश नहीं सुनाया है.

जुबीन गर्ग की मौत के मामले में पहले भी मिली जमानत

आपको बता दें कि गुवाहाटी हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति राजेश मजूमदार की एकल पीठ ने संदीपन गर्ग की जमानत याचिका पर सुनवाई की. इसके बाद उन्हें राहत दी गई. मामले के विशेष सरकारी वकील जियाउल कमर ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में जमानत मिलने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि अदालत ने अभी पूरा आदेश नहीं सुनाया है.

इससे पहले 9 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने जुबीन गर्ग के साथ गाने वाली गायिका अमृतप्रवा महंत को भी जमानत दी थी. वह इस मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी थीं. उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया गया था. असम पुलिस की SIT ने साल 2025 में कई घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था.

सिंगापुर में हुई थी जुबीन गर्ग की मौत

गायक जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान मौत हो गई थी. वह नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल में प्रस्तुति देने वाले थे. यह कार्यक्रम उनकी मौत के अगले दिन होना था. इस मामले में फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत को भी गिरफ्तार किया गया था. जुबीन की मौत के कारणों और इससे जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई पूरी करने को कहा था

अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार से इस मामले की सुनवाई तेजी से और गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने को कहा था. राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि मामले की सुनवाई रोजाना हो रही है और आने वाले हफ्तों में कई अहम गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था कि वह मामले की सुनवाई में हो रही प्रगति पर नजर रखेगी.

बचाव पक्ष और सरकार के दावे अलग-अलग

मामले में श्यामकानु महंत की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी थी कि जुबीन गर्ग वयस्क थे और अपनी मर्जी से लाइफ जैकेट पहनकर समुद्र में गए थे, जहां डूबने से उनकी मौत हुई. बचाव पक्ष ने यह भी कहा था कि घटना के समय महंत वहां मौजूद नहीं थे.

वकील ने जुबीन की देखभाल में लापरवाही बरतने या उन्हें शराब देने के जरिए उनकी मौत की साजिश रचने के आरोपों पर भी सवाल उठाए थे. दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना था कि जुबीन की मौत महज हादसा नहीं थी और अभियोजन पक्ष के पास साजिश से जुड़े सबूत हैं.

फिलहाल, संदीपन गर्ग को जमानत मिलने से मामले में एक और आरोपी को अदालत से राहत मिली है. हालांकि, जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले की सुनवाई और जांच जारी है.

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