समाचार · छत्तीसगढ़
तीजन बाई के श्रद्धांजलि कार्यक्रम के चलते बदला ट्रैफिक:गनियारी जाने के लिए 3 वैकल्पिक रास्ते तय, कुम्हारी-उतई और अमलेश्वर के लिए अलग-अलग रूट
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार 14 जुलाई को ग्राम गनियारी में पद्मविभूषण से सम्मानित लोक कलाकार स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें बड़ी संख्या में वीआईपी, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दुर्ग यातायात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। लोगों की सुविधा और सड़क पर जाम की स्थिति से बचने के लिए कई जगहों पर वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। यातायात पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान गनियारी जाने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इससे कार्यक्रम स्थल के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी और लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। कुम्हारी की ओर से आने वाले वाहनों के लिए रूट कुम्हारी की ओर से आने वाले वाहन चालकों के लिए अलग रूट बनाया गया है। ऐसे वाहन चालक कुम्हारी चौक से कुगदा अंडर ब्रिज होते हुए उरला, देवबलोदा, पार्थवी कॉलेज चौक (सिरसा कला) के रास्ते ग्राम गनियारी पहुंच सकेंगे। पुलिस का कहना है कि इस मार्ग का उपयोग करने से मुख्य रास्ते पर वाहनों का दबाव कम रहेगा। उतई और सेलुद मार्ग के लिए रूट उतई और सेलुद की तरफ से आने वाले लोगों के लिए भी अलग मार्ग तय किया गया है। इस ओर से आने वाले वाहन चालक उतई या सेलुद से डुंडेरा, महका कला होते हुए सीधे ग्राम गनियारी पहुंच सकते हैं। पुलिस ने लोगों से इसी मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। वहीं अमलेश्वर की तरफ से आने वाले लोगों के लिए अमलेश्वर, मोतीपुर, औरी और आऊँधी होकर ग्राम गनियारी जाने का रास्ता तय किया गया है। इस रूट पर भी यातायात पुलिस की निगरानी रहेगी ताकि वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। आस-पास बनाए गए हैं पार्किंग स्थल यातायात पुलिस ने कहा है कि, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने गनियारी में मुख्य मार्गों पर पार्किंग स्थल बनाए हैं। सड़क किनारे या गलत जगह वाहन खड़ा करने से जाम लग सकता है, जिससे दूसरे लोगों को परेशानी होगी। यातायात पुलिस ने लोगों से समय का ध्यान रखते हुए थोड़ा पहले घर से निकलने की सलाह भी दी है, ताकि कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।