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जमशेदपुर में जमीन खरीदने से पहले सावधान! Tata Steel ने उठाया बड़ा कदम

जमशेदपुर शहर में भू-माफिया काफी सक्रिय हैं. आलम यह है कि बड़े-बड़े भूखंड जो टाटा लीज की जमीन है, उन्हें भी फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचा जा रहा है. आलम यह है कि गैरमजरूआ खास जमीन पर अब बड़े-बड़े आलीशान भवन बनकर खड़े हो रहे हैं. यही नहीं, जलस्रोतों को भी बेचा जा रहा है. टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट ने अब भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए अहम कदम उठाया है.
टाटा लीज की जमीन पर कंपनी द्वारा नोटिस बोर्ड लगाया जा रहा है. जिसमें जमीन के प्रकार, खाली प्लॉट का नंबर, एलॉटमेंट नंबर समेत तमाम जानकारी साझा की गयी है. नोटिस बोर्ड में लिखा है कि यह जमीन टाटा स्टील की है. इस जमीन की खरीद-बिक्री नहीं हो सकती है. शहर के लगभग सारे इलाके में ये बोर्ड लगाये जा रहे हैं. वहीं, टाटा स्टील ने आम लोगों से अपील की है कि वे वैसी जमीन की खरीदारी न करें, जो टाटा लीज या फिर गैर मजरूआ खास है.
ऐसे लोगों को फंसाते हैं भू-माफिया
जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर भूमाफिया पहले व्यक्ति को खाली जमीन को दिखाते हैं. उसे टाटा लीज क्षेत्र से बाहर का बताते हैं. फिर सरकार से एलॉटमेंट करा देने तक का लालच देते हैं और उसके बदले पैसे वसूल लेते हैं. इस तरह जमीन के लिए पैसे देने वाले लोग ठगे जाते हैं. यही नहीं, फर्जी दस्तावेज बनाकर भी जमीन बेच दी जाती है. वहीं, टाटा स्टील को भी अपनी जमीन खाली कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आये हैं.
कई लोग भी अपनी जमीन व घर पर लगा चुके हैं बोर्ड
भू-माफियाओं का कहर इस कदर है कि कई रैयती और मकान मालिक अपनी जमीन व मकान पर ऐसा बोर्ड लगा चुके हैं. कई लोगों ने यह लिख रखा है कि यह जमीन उनकी है और यह बिक्री के लिए नहीं है. 2024 में ने इससे संबंधित खबर प्रकाशित की थी, जिसका जिक्र पीएम नरेंद्र मोदी ने जमशेदपुर की जनसभा में भी किया था. यह स्थिति आज भी कायम है.
क्या कहती है कंपनी
टाटा स्टील के प्रवक्ता राजेश राजन ने बताया कि कई बार शिकायत मिलती है कि टाटा लीज की जमीन की खरीद-बिक्री की जा रही है. अतिक्रमण किया जा रहा है. लोग अज्ञानतावश फंस जाते हैं. लिहाजा, यह बोर्ड लोगों को जानकारी देगा कि जमीन की स्थिति क्या है. इसे लेकर आम लोगों से भी - सहयोग की अपील भी की गयी है.