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सीयूजे में सुलझा मेस विवाद, रजिस्ट्रार के लिखित आश्वासन पर टूटी हड़ताल

CUJ Student Protest: केंद्रीय विवि, झारखंड में विद्यार्थियों द्वारा चयनित वेंडर ही अब मेस का संचालन करेंगे. वेंडर प्रति विद्यार्थी 3700 रुपये शुल्क लेंगे. वैकल्पिक व्यवस्था होने और मेस के पूरी तरह से संचालन होने तक यूजी की कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी. यह सहमति मंगलवार को विवि के चीफ प्रॉक्टर डॉ अमरेंद्र कुमार व डीएसडब्ल्यूडॉ अनुराग लिंडा के साथ शाम में हुई वार्ता में बनी. वार्ता में हॉस्टल शुल्क 5000 रुपये कम करने के मुद्दे पर विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इसका निर्णय वित्त समिति की अनुशंसा पर ही संभव है. इस पर विद्यार्थियों ने कहा कि विवि के रजिस्ट्रार उक्त मांग को उचित फोरम में रखें. इस पर विवि प्रशासन ने सहमति जतायी. वहीं कैंटीन/ मेस में टोकन सिस्टम लागू करने के मुद्दे पर विवि प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा चयनित वेंडर को कोई दिक्कत नहीं है, तो यह व्यवस्था लागू कराने में विवि को कोई परेशानी नहीं है. विवि के वार्डन संचालन की मॉनिटरिंग करेंगे. मेस एक सितंबर से पूर्ण रूप से संचालित हो जायेगा. रजिस्ट्रार द्वारा लिखित सहमति के बाद मंगलवार की रात आठ बजे धरना और भूख हड़ताल समाप्त कर दी गयी.
विवि परिसर में दिनभर रही गहमागहमी
सोमवार को वार्ताविफल होने पर मंगलवार की सुबह एक बार फिर चार हॉस्टल के छात्र-छात्राएं विवि के प्रशासनिक भवन के समक्ष धरना पर बैठ गये थे. विद्यार्थियों का कहना था कि कुलपति ने सोमवार को वार्ता के बाद मंगलवार को पुन: दिन के 11 बजे से वार्ता करने की बात कही थी. सभी विद्यार्थी तय समय पर सभागार में पहुंच गये, लेकिन विवि की ओर से न तो कुलपति और न ही कोई अधिकारी वार्ता के लिए आये. इससे क्षुब्ध यूजी व पीजी के सभी विद्यार्थी, जिनमें छात्राएं भी शामिल थीं, सड़क पर ही धरना पर बैठ गये थे. छात्र ओमकांत भूख हड़ताल पर बैठ गये. विद्यार्थियों का कहना था कि कैंटीन/मेस वेंडर भाग गये हैं, जिससे रविवार से लगभग 1500 विद्यार्थियों को खाना भी नहीं मिल रहा है.
‘छात्र एकता जिंदाबाद’ का लगाते रहे नारा
विद्यार्थियों ने कैंटीन/मेस में स्वच्छता का अभाव होने की भी शिकायत की. आंदोलनरत विद्यार्थियों ने कहा कि विवि प्रशासन से यहां तक कहा गया कि मेस शुल्क बढ़ाना है, तो हॉस्टल शुल्क कम करना होगा. इधर, धरना पर बैठे विद्यार्थी दिन भर ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ सहित विवि प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते रहे. विद्यार्थियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी डीएसडब्ल्यूडॉ अनुराग लिंडा को सौंपा.
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विद्यार्थियों पर कार्रवाई नहीं, शुरू होंगी ऑनलाइन कक्षाएं
विवि प्रशासन ने दो दिनों तक आंदोलन कर रहे किसी भी छात्र पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है. प्रथम सेमेस्टर (चार वर्षीय) यूजी-पीजी के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं एक सितंबर 2026 से शुरू होंगी. नये विद्यार्थियों का इंडक्शन प्रोग्राम ऑफलाइन होगा. किसी भी मोड पर विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी. वहीं, चार वर्षीय यूजी के तहत तीसरे सेमेस्टर के अलावा पांचवें, सातवें व नौवें सेमेस्टर तथा पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के विद्यार्थियों के लिए 27 अगस्त से ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी.
विद्यार्थियों के आंदोलन को एसएफआइ ने किया समर्थन
विवि में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से मंगलवार को एसएफआइ झारखंड के राज्य संयोजक दानिश व ओजस्वी राज ने मुलाकात की. उन्होंने छात्रों के संघर्ष के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया.
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