समाचार · छत्तीसगढ़
शहीद भाइयों की प्रतिमाओं पर बहनों ने बांधी राखी:आंखें हुईं नम, बोलीं- देश सेवा पर गर्व है; 19 साल से निभा रहीं परंपरा
रक्षाबंधन के मौके पर सुकमा जिले के एर्राबोर में शहीद जवानों की बहनें अपने भाइयों की प्रतिमाओं पर राखी बांधने शहीद स्मारक पहुंचीं। बहनों ने राखी बांधकर अपने शहीद भाइयों को याद किया और उनकी देश सेवा को नमन किया। इस दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं। एर्राबोर गांव के पास सशस्त्र बल स्थल पर 12 शहीद जवानों के स्मारक बनाए गए हैं। ये जवान एर्राबोर और आसपास के गांवों के रहने वाले थे और अलग-अलग घटनाओं में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। शहीद जवानों की बहनें पिछले 19 वर्षों से हर रक्षाबंधन पर यहां पहुंचकर उनकी प्रतिमाओं पर राखी बांधती आ रही हैं। हर साल भाई को राखी बांधने आती हूं शहीद कांस्टेबल सोयम की बहन सोमय संकरी ने बताया कि उनका भाई वर्ष 2007 में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हुआ था। उन्होंने कहा कि भाई की शहादत के अगले साल से ही वह हर रक्षाबंधन पर शहीद स्थल पहुंचकर राखी बांध रही हैं। उन्होंने कहा, मुझे अपने भाई पर गर्व है कि उसने देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलियों को सरकार भले ही माफ कर दे, लेकिन उनके परिवार के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। यहां आकर भाई को महसूस करती हूं : कमला सोयम शहीद चंद्रा सोयम की बहन कमला सोयम ने बताया कि वर्ष 2010 में चिंगावारम के पास नक्सलियों ने एक बस को बम से उड़ा दिया था। इस घटना में उनके भाई चंद्रा सोयम भी शहीद हो गए थे। उस समय वह छोटी थीं। बाद में शहीद स्थल पर भाई का स्मारक बनाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद से हर साल परिवार के साथ यहां आकर भाई को राखी बांधती हैं। मेरे भाई अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हर राखी पर यहां आकर मुझे लगता है कि मैं अपने भाई के पास हूं। शहीदों के बलिदान से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मिली ताकत सुकमा लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। इस दौरान जिले में बड़ी संख्या में जवान शहीद हुए हैं। एर्राबोर क्षेत्र में भी कई जवानों ने नक्सलियों से मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवाई। शहीद जवानों के परिजनों और बहनों का कहना है कि आज नक्सलवाद खत्म हो गया है और इसे खत्म करने में हमारे भाइयों का अहम योगदान रहा है। लेकिन एक बात साफ है कि सरकार भले ही नक्सलियों को सरेंडर कराने के बाद माफ कर दे, लेकिन हम उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। जिन लोगों की वजह से हमारे भाई आज हमारे बीच नहीं हैं, उन्हें हम कभी माफ नहीं कर पाएंगे।