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पेट्रोल डालकर जलाए गए अजहरुद्दीन की मौत:पत्नी ने की साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र के अल्हौआ गांव में 24 अगस्त की शाम पेट्रोल डालकर आग लगाए जाने से गंभीर रूप से झुलसे अजहरुद्दीन उर्फ राजू की शुक्रवार देर शाम संजय गांधी अस्पताल रीवा में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। अजहरुद्दीन की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के पीछे कुछ साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं और वे परिवार को फोन पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पति का किसी झगड़ा नहीं हुआ मृतक की पत्नी शहनाज बानो ने आरोप लगाया कि उनके पति का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि राम रईस जायसवाल ने उनके पति पर पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जला दिया था। शहनाज ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि घटना में शामिल अन्य लोगों पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। शहनाज बानो ने बताया कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और धमकी देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार किसी तरह का विवाद या हंगामा नहीं चाहता, बल्कि कानून के तहत सभी आरोपियों पर कार्रवाई चाहता है। मृतक की मां कसीमुन निशा ने भी घटना में कुछ लोगों की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरदार सिंह और अमिनेष नामक व्यक्तियों ने कथित तौर पर आरोपी को अपनी गाड़ी में बैठाकर घुमाया था। परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मुख्य आरोपी पुलिस से बचकर घूम रहा था, तब वह किन लोगों के संपर्क में था और उनकी गाड़ी में क्यों घूम रहा था। परिजनों ने मांग की है कि जिस वाहन में आरोपी के घूमने का आरोप है, उसकी भी जांच कर उसे भी जब्त किया जाए। इसके अलावा उन्होंने मुन्ना साहू की पत्नी के कथित बयान का भी उल्लेख किया है। परिवार का दावा है कि उनके अनुसार आरोपी रातभर मुन्ना साहू के घर में मौजूद था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट होगी। ‘मेरा बेटा चला गया, अब आरोपियों को सख्त सजा मिले’ अजहरुद्दीन की मां कसीमुन निशा ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा अब दुनिया में नहीं रहा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से घटना में शामिल सभी लोगों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन कथित साजिशकर्ताओं और धमकी देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की गाड़ी में आरोपी के मौजूद होने की जानकारी सामने आती है, तो उस वाहन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है। परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करने की बात कही है। 24 अगस्त की शाम हुई थी घटना पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे अल्हौआ गांव में राम रईस ने अजहरुद्दीन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घटना में अजहरुद्दीन के चेहरे, सिर, पेट, सीना, दोनों हाथ, गर्दन और पीठ पर गंभीर जलने की चोटें आई थीं। आग बुझाने के प्रयास में कुछ अन्य लोग भी झुलस गए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल रीवा में भर्ती कराया गया था।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी सूचना की मदद से 25 अगस्त की रात करीब 11 बजे उसे रीवा से गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब हत्या की धाराओं में होगी कार्रवाई अजहरुद्दीन की इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस पंचनामा कार्रवाई में जुट गई है। शनिवार, 29 अगस्त को संजय गांधी अस्पताल रीवा में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि मुख्य आरोपी के साथ-साथ जिन लोगों पर साजिश में शामिल होने और धमकी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी भूमिका की भी जांच हो। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा है कि वे न्याय चाहते हैं और किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते।