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टीएल बैठक में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त:8 अधिकारियों-कर्मचारियों पर लगाया जुर्माना;बारिश से पहले सड़क, पुल, स्कूल भवन दुरुस्त करने के निर्देश
छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। समय-सीमा (टीएल) बैठक में तीन तहसीलदार, दो नायब तहसीलदार और तीन पंचायत सचिवों पर आर्थिक दंड लगाया गया। साथ ही मानसून, स्वास्थ्य और विकास कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। 8 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा में समय-सीमा का पालन नहीं करने पर पठा के नायब तहसीलदार पर 1000 रुपए, ज्यौराहा के नायब तहसीलदार पर 500 रुपए तथा राजनगर, छतरपुर और गौरिहार के तहसीलदारों पर 500-500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं पठापुर, गौरैया और खंडवन ग्राम पंचायत के सचिवों पर भी 500-500 रुपए की पेनल्टी लगाई गई। मानसून तैयारियों पर दिए निर्देश कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों को क्षतिग्रस्त सड़क, पुल और पुलियों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए। बड़ामलहरा, बिजावर और बक्सवाहा के संभावित डूब क्षेत्रों में राहत शिविर, भोजन, मेडिकल टीम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। जर्जर स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों को चिन्हित कर बारिश से पहले ध्वस्त करने के निर्देश भी दिए। निजी अस्पतालों की होगी जांच स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम और सीएमएचओ को उन निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच करने को कहा गया, जहां सरकारी डॉक्टरों के नाम बोर्ड पर लिखे होने की शिकायतें मिली हैं। विकास कार्यों की भी समीक्षा बैठक में स्कूल बसों की फिटनेस, सीएम हेल्पलाइन, केन-बेतवा लिंक परियोजना, मेडिकल कॉलेज निर्माण, डीएमएफ कार्यों और रक्तदान अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।