समाचार · मध्य प्रदेश
खंडवा में मंगला एक्सप्रेस में केरल के 20 बच्चे बीमार:पेंट्री कार का खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत; स्टेशन पर 40 मिनट ट्रेन रोककर इलाज
दिल्ली से केरल जा रही मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन में सफर कर रहे 15 से 20 स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना लिया था। खाना खाने के बाद कई बच्चों को उल्टी, जी मिचलाने और बेचैनी की शिकायत होने लगी। फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना रेलवे विभाग को मिली तो खंडवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर बच्चों का इलाज कराया गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, सीएसपी अभिनव बारंगे, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सहित रेलवे और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने ट्रेन में ही बच्चों की जांच कर उन्हें प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां दीं। रात 9.05 बजे खंडवा पहुंची ट्रेन, करीब 40 मिनट रुकी
स्टेशन मास्टर जीएल मीणा के मुताबिक, मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस रात करीब 9 बजकर 5 मिनट पर खंडवा रेलवे स्टेशन पहुंची। बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी, इसलिए स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम को तैयार रखा गया था। ट्रेन रुकते ही मेडिकल टीम ने प्रभावित बच्चों की जांच शुरू की। करीब 40 मिनट तक ट्रेन खंडवा स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान बच्चों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां दी गईं। इसके बाद रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर ट्रेन को भुसावल की ओर रवाना किया गया। स्कूली टूर के बाद दिल्ली से केरल लौट रहे थे बच्चे
बताया गया कि बीमार हुए सभी बच्चे केरल के रहने वाले हैं और एक क्रिश्चियन स्कूल से संबंधित हैं। बच्चों की उम्र करीब 15 से 18 वर्ष बताई जा रही है। वे स्कूल स्टाफ के साथ शैक्षणिक टूर पर दिल्ली गए थे और टूर खत्म होने के बाद ट्रेन से वापस केरल लौट रहे थे। स्टेशन मास्टर के अनुसार, इटारसी स्टेशन के बाद बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना लिया था। खाना खाने के कुछ समय बाद एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। कई बच्चों ने अस्वस्थ महसूस होने की शिकायत की। इसके बाद ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। डॉक्टरों की टीम ट्रेन में बच्चों के साथ रवाना
खंडवा स्टेशन पर प्राथमिक उपचार के बाद रेलवे के डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक टीम को बच्चों के साथ ट्रेन में रवाना किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की तबीयत पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि रास्ते में किसी बच्चे की हालत में सुधार नहीं होता है या तबीयत ज्यादा बिगड़ती है, तो उन्हें भुसावल रेलवे स्टेशन पर उतारकर अस्पताल में इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पेंट्री के खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका
बच्चों के बीमार होने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। हालांकि, बच्चों द्वारा पेंट्री कार का खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने के कारण फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले पर नजर रख रही है। बच्चों की हालत फिलहाल प्राथमिक उपचार के बाद नियंत्रण में बताई जा रही है।