Monday, 7 September 2026
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मंदसौर में लॉ कॉलेज की फीस बढ़ने का विरोध:छात्रों ने किया चक्काजाम; बोले- एडमिशन के समय 13 हजार बताया, अब 25 हजार किया

INT News7 September 2026 at 02:41 pm

मंदसौर के जवाहरलाल नेहरू विधि महाविद्यालय में सोमवार को छात्रों ने फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया। द्वितीय और तृतीय वर्ष की फीस 13 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किए जाने पर छात्रों ने पहले कॉलेज गेट पर धरना दिया। छात्रों का कहना है कि काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद वे कॉलेज के बाहर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। छात्रों ने बढ़ी हुई फीस कम करने की मांग को लेकर कॉलेज प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चक्काजाम के कारण सड़क पर यातायात पर असर पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों के आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि वर्ष 2024-25 में प्रवेश के समय उन्हें करीब 13 हजार रुपए फीस बताई गई थी। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 में फीस बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई है।

बोले- फीस दोगुनी होने से आर्थिक बोझ बढ़ा

छात्रों के मुताबिक, फीस करीब दोगुनी होने से मध्यमवर्गीय और किसान परिवारों के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई विद्यार्थियों के लिए इतनी फीस जमा कर पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है। छात्रों ने फीस वृद्धि वापस लेने, फीस में राहत देने या किस्तों में फीस जमा कराने की व्यवस्था करने की मांग की है। छात्रों ने बताया कि फीस कम करने की मांग को लेकर 17 अगस्त को कलेक्टर को भी आवेदन दिया गया था। आवेदन में कहा गया था कि अचानक फीस बढ़ने से विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। छात्रों ने मांग की थी कि फीस वृद्धि नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू हो और वर्तमान विद्यार्थियों की फीस पहले जैसी ही रहे। इससे पहले NSUI ने 7 अगस्त को लॉ कॉलेज के सामने फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया था। इसके बाद 21 अगस्त को भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। उस दौरान छात्रों को फीस कम करने के लिए बोर्ड के सामने प्रस्ताव रखने का भरोसा दिया गया था।

प्राचार्य बोले- पुरानी फीस रिस्टोर की गई

लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनोद पाटीदार ने बताया कि फीस बढ़ाई नहीं गई है, बल्कि वर्ष 2019-20 में निर्धारित फीस को दोबारा लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में कॉलेज की फीस 25 हजार रुपए थी। बाद में फीस रेगुलेटरी कमेटी (FRC) के स्तर पर फीस कम की गई थी। अब पूर्व निर्धारित फीस को पुनः रिस्टोर किया गया है। फीस दो किस्तों में जमा कराने का निर्णय

प्राचार्य के अनुसार, छात्रों के पहले प्रदर्शन के बाद FRC की बैठक हुई थी। पूरे प्रदेश के कॉलेजों की फीस निर्धारित करने का काम FRC के स्तर पर किया जाता है। बैठक में छात्रों के हित में फीस दो किस्तों में जमा कराने का निर्णय लिया गया है। फीस कम करने के सवाल पर प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज प्रशासन शासन के निर्णय के विपरीत फैसला नहीं ले सकता। बता दें कि प्राचार्य डॉ. विनोद पाटीदार छुट्टी पर हैं। छात्र पहले कॉलेज गेट पर धरने पर बैठे थे। कोई जिम्मेदार अधिकारी बातचीत के लिए नहीं पहुंचा तो छात्र सड़क पर बैठ गए। फिलहाल कॉलेज के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्र फीस कम करने की मांग को लेकर कॉलेज प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। चक्काजाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की।