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गैंगस्टर सेखों के AAP में शामिल होने पर घिरे CM:कांग्रेस-अकाली दल ने उठाए सवाल, बोले- पंजाब की राजनीति को गैंगस्टर का अखाडा बनाया
गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में सेखों को पार्टी में शामिल किए जाने पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। सेखों पर 47 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं और वह 2016 के चर्चित नाभा जेलब्रेक केस का प्रमुख आरोपी रहा है। पंजाब कांग्रेस ने AAP सरकार पर गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस व्यक्ति का आपराधिक अतीत इतना गंभीर रहा हो, उसे मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पार्टी में शामिल करना कानून-व्यवस्था को लेकर गलत संदेश देता है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने भी भगवंत मान पर निशाना साधते हुए सेखों की AAP में एंट्री पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मान सरकार का यह कदम पंजाब की राजनीति के लिए गंभीर संकेत है। वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो कभी शिरोमणि अकाली दल में गैंगस्टरों की एंट्री का विरोध करते थे, आज खुद वही रास्ता अपना रहे हैं। शर्म की बात है कि शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी दोनों पंजाब की राजनीति को गैंगस्टरों का अखाड़ा बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। पंजाब को अमन-शांति, रोजगार और विकास चाहिए, गैंगस्टरों वाली राजनीति नहीं। लेकिन लगता है कि बदलाव ने सत्ता के लालच में आसान रास्ता चुन लिया है। अकाली दल ने AAP पर गैंगस्टरों के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि अगर गैंगस्टरों के प्रति यही AAP की नीति है तो पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। विपक्ष का मुख्य सवाल यही है कि जिस सेखों का नाम नाभा जेलब्रेक जैसे हाईप्रोफाइल मामले से जुड़ा रहा, उसे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद पार्टी में शामिल क्यों कराया? वहीं सेखों का कहना है कि उनका जीवन बदल चुका है और वह अब समाजसेवा के रास्ते पर हैं। फिलहाल सामने आई प्रमुख राजनीतिक प्रतिक्रियाएं कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल की ओर से हैं।