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टीकमगढ़ के ऐतिहासिक स्मारकों, मंदिरों पर लगेंगे शिलालेख:कलेक्टर ने दिए निर्देश, गीता भवन में संग्रहालय बनाने की योजना
टीकमगढ़ में मंगलवार को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पुरातत्व एवं पर्यटन समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस बैठक में जिले के प्राचीन स्मारकों और मंदिरों पर शिलालेख लगाने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, नजर बाग में एक गीता भवन बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है, जिसमें एक संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उन्होंने जिले के पर्यटन और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। कुण्डेश्वर मंदिर के पास वन्य जीव संरक्षण केंद्र, फूड कोर्ट और एक छोटा पार्क बनाने के लिए डीएफओ से चर्चा की गई। इस पूरे परिसर को 'वन्य प्राणी अनुभव क्षेत्र' के रूप में विकसित करने की योजना है। बैठक में पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं जैसे पर्यटक सूचना केंद्र, पेयजल, शौचालय और पार्किंग की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। जिले को झांसी, खजुराहो और भोपाल से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ आंतरिक सड़कों को भी बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया। शहर में बुंदेली हाट की स्थापना की भी योजना है। यहां स्थानीय कलाकार पीतल के सामान, हस्तनिर्मित टेराकोटा, बेंत-बांस शिल्प और पारंपरिक वस्त्रों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे। इस परियोजना से स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कलेक्टर श्रोत्रिय ने मोहनगढ़ किले में हेरिटेज वेडिंग और शूटिंग की अपार संभावनाओं पर भी बात की। इसके लिए जल्द ही पर्यटन विभाग के सहयोग से काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने पुरातत्व विभाग को टीकमगढ़ स्थित संग्रहालय और राज्य संरक्षित सूची में दर्ज स्थलों जैसे गुप्तेश्वर मंदिर-मोहनगढ़, सूर्य मंदिर मड़खेरा, शिव मंदिर बड़ागांव, सूर्य मंदिर-उमरी, गढ़ी अस्तौन, जतारा का किला, पापट संग्रहालय और कुण्डेश्वर के बेहतर रख-रखाव, संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिले के पुरातात्विक महत्व के अन्य स्थलों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें राज्य संरक्षित सूची में शामिल कराने की पहल करने को भी कहा।