समाचार · छत्तीसगढ़
कोरबा के कैफे में फन फैलाकर बैठा कोबरा:काउंटर के पास दिखा जहरीला सांप, RCRS टीम ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
कोरबा शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र घंटाघर स्थित दिल्ली साउथ कैफे में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कैफे के अंदर काउंटर के पास फन फैलाए एक कोबरा दिखाई दिया। उस समय कैफे में ग्राहक मौजूद थे। अचानक सामने जहरीला सांप देखकर लोग घबरा गए और वहां चीख-पुकार मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कैफे स्टाफ ने सूझबूझ दिखाई। कर्मचारियों ने सभी ग्राहकों को सांप से सुरक्षित दूरी पर किया और बिना उसे छेड़े वन विभाग व RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की टीम को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद कोबरा का रेस्क्यू सूचना मिलने पर RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव अपनी टीम के सदस्य मानस के साथ मौके पर पहुंचे। कैफे जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर कोबरा की मौजूदगी को देखते हुए टीम ने सावधानी के साथ रेस्क्यू शुरू किया। ग्राहकों और स्टाफ को पीछे हटाने के बाद टीम ने काफी देर की मशक्कत से सांप को सुरक्षित पकड़कर एक डिब्बे में बंद किया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद कैफे में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में वन विभाग के निर्देश पर सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। बारिश के बाद आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचते हैं सांप घंटाघर कोरबा का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे इलाके में कोबरा जैसे अत्यंत विषैले सांप का मिलना लोगों की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। जानकारों के मुताबिक, बारिश के बाद भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सांप घरों, दुकानों और कैफे जैसे आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच सकते हैं। सांप दिखे तो खुद पकड़ने या मारने की कोशिश न करें घटना के बाद RCRS ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। सांप को लाठी-डंडे से भगाना या उस पर पत्थर फेंकना भी खतरनाक हो सकता है। खासकर कोबरा के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है। ऐसी स्थिति में सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत वन विभाग या RCRS की टीम को सूचना दें। RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया कि सांप पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे चूहों की आबादी नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसलिए सांपों को मारने के बजाय उनका सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ना ही सही उपाय है।