समाचार · मध्य प्रदेश
अनूपपुर में विजयादशमी पर 20 जगह रावण दहन:चल समारोह के साथ मां दुर्गा प्रतिमाओं को विदाई, अमरकंटक में जवारों का विसर्जन
अनूपपुर जिले में बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व मंगलवार को मनाया गया। नवरात्रि के समापन पर एक ओर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को नम आंखों से भावपूर्ण विदाई दी गई, तो वहीं दूसरी ओर जिले के 20 प्रमुख स्थलों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन कर अहंकार और अधर्म के अंत का संदेश दिया गया। वहीं शेष 9 स्थानों पर बुधवार को रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। जिलेभर में स्थापित कुल 367 छोटी-बड़ी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और दशहरा कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। उत्कृष्ट मैदान पर 35 फीट का रावण दहन जिला मुख्यालय अनूपपुर के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर रावण दहन और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का आकर्षक मंचन हुआ, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रावण के 35 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया गया। कलाकारों ने श्रीराम-रावण युद्ध के जीवंत मंचन और रंगारंग आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बने अस्थायी कुंड में विधि-विधान से कराया गया। वहीं पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित मां नर्मदा के उद्गम मंदिर में नौ दिनों से चल रहे अनुष्ठानों का समापन कन्या पूजन, कन्या भोज और जवारा विसर्जन के साथ हुआ। शाम को भगवान भैरव की विशेष आरती के बाद सभी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। मंत्रियों की मौजूदगी में शस्त्र पूजन विजयादशमी के पावन अवसर पर अनूपपुर के पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन वैदिक रीति-रिवाज से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल और मप्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल मौजूद रहे। साथ ही कलेक्टर रत्नाकर झा और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब की विशेष उपस्थिति में पारंपरिक और आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों, पुलिस वाहनों और ध्वज का पूजन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच तिलकार्चन कर पुष्प अर्पित किए गए और परंपरा अनुसार हर्ष फायर हुआ। इसके अलावा कोतमा, बिजुरी, भालूमाड़ा, राजेंद्रग्राम और जैतहरी में भी विजयादशमी का पर्व पूरे उत्साह से मनाया गया।