Thursday, 8 October 2026
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CJP के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को किसान संगठन का समर्थन, राकेश टिकैत का जताया आभार

INT News7 October 2026 at 09:48 pm

CJP Protest: संगठन के अध्यक्ष अनुज सिंह ने वीडियो जारी कर युवा किसानों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की. उनके समर्थन के बाद 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने की कवायद तेज होती दिख रही है.

अनुज सिंह ने वीडियो में कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन सिर्फ CJP का आंदोलन नहीं है, बल्कि देश के युवाओं और नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई है. उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की.

'वोट के अधिकार को छीनने की कोशिश'

अनुज सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश में गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि संविधान ने हर भारतीय नागरिक को एक वोट का अधिकार दिया है और इस अधिकार की रक्षा के लिए लोगों को आवाज उठानी चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि अगर लोगों के वोट और प्रदर्शन के अधिकार पर रोक लगती है, तो लोकतंत्र कमजोर होगा. उन्होंने युवाओं से 10 अक्टूबर को पूरे दमखम के साथ जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की.

CJP ने राकेश टिकैत और किसान संगठन का जताया आभार

कॉकरोच जनता पार्टी ने भी एक्स पर पोस्ट कर किसान संगठन के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया. CJP ने लिखा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के समर्थन की अपील के लिए राकेश टिकैत और भारतीय किसान यूनियन का आभार.

CJP और छात्र संगठनों ने भी तेज किया अभियान

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी और कई छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है. बुधवार को आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में CJP के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के प्रतिनिधि शामिल हुए. आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) ने भी इसमें हिस्सा लिया.

संगठनों ने कहा कि 10 अक्टूबर का प्रदर्शन चुनावी व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर होगा. उन्होंने छह अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों की ओर से निकाले गए विरोध मार्च का भी समर्थन किया.

'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे दें, फिर भी आंदोलन जारी रहेगा'

CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि आंदोलन केवल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दे भी देते हैं, तब भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि चुनावी व्यवस्था में सुधार जरूरी है.

दास ने देशभर के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आसान नहीं होगी और लोगों को लंबे समय तक चलने वाले आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए.

CJP ने रखीं ये मांगें

सौरव दास ने आंदोलन को लेकर कई मांगें भी सामने रखीं. इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग शामिल है.

इसके अलावा संगठनों ने मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पर रोक लगाने, आगामी चुनावों को स्थगित करने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की.

उन्होंने चुनाव आयोग में नियुक्तियों से संबंधित 2023 के कानून को निरस्त कर स्वतंत्र और विश्वसनीय चयन प्रक्रिया लागू करने की भी मांग रखी.

'छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के आंदोलन में कोई विभाजन नहीं'

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच कोई विभाजन नहीं है. उन्होंने कहा कि आम लोग, नागरिक समाज, विपक्षी दल और छात्र संगठन एक तरफ हैं.

उन्होंने छह अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर मार्च करने वाले INDIA गठबंधन के सांसदों का समर्थन किया. बोरा ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे लोगों के मुद्दों को उठाएं और उनके अधिकारों की रक्षा करें.

उन्होंने कहा कि CJP और छात्र संगठन 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को मजबूती देंगे.

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'अनुमति नहीं, पुलिस को दी है सूचना'

10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि आयोजकों ने बुधवार को संसद मार्ग थाने में औपचारिक सूचना दी है और जरूरी लिखित आश्वासन भी दिए हैं.

उन्होंने कहा कि आयोजक 'अनुमति' शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते. उनके मुताबिक, प्रदर्शन की सूचना देना पर्याप्त है. दास ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान आयोजक दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस भी सहयोग करेगी.

'लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच लड़ाई'

SFI के आदर्श शाजी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के मौजूदा कामकाज से भारतीय लोकतंत्र कमजोर हो रहा है.

उन्होंने 10 अक्टूबर के आंदोलन को 'लोकतंत्र और निरंकुशता' के बीच की लड़ाई बताया.

NEET आंदोलन के बाद अब चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान

CJP इससे पहले NEET प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर आंदोलन कर चुका है. अब संगठन ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियान तेज करने का ऐलान किया है.

CJP और छात्र संगठनों का कहना है कि 10 अक्टूबर का प्रदर्शन व्यापक आंदोलन की शुरुआत है और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी ओर से उठाई जा रही चुनावी सुधार से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती.