समाचार · हरियाणा
एग्रीकल्चर से जुड़े स्टार्टअप की मदद करेगा HAU:कुलपति बोले-कृषि नवाचारों को मौका देंगे, एबिक ने कोहोर्ट-8 के लिए आवेदन मांगे
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) ने कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कोहोर्ट-8 (प्रशिक्षण बैच) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित स्टार्टअप्स को तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन के साथ 25 लाख रुपए तक की अनुदान सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आवेदन की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने इसको लेकर आज विश्वविद्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित की। इसमें बताया कि एबिक का उद्देश्य युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और उद्यमियों के नए विचारों को कृषि आधारित स्टार्टअप में विकसित करने के लिए जरूरी तकनीकी, व्यावसायिक और मार्गदर्शी सहयोग उपलब्ध कराना है। चयनित स्टार्टअप्स को एक माह का निशुल्क इनक्यूबेशन एवं उद्यमिता प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जानिए कुलपति ने एबिक सेंटर को लेकर क्या जानकारी दी… आइडिया से एंटरप्राइज’ तक मिलेगा सहयोग : कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने बताया कि एबिक केवल वित्तीय सहायता देने वाला केंद्र नहीं है, बल्कि नवाचारों को ‘आइडिया से एंटरप्राइज’ तक पहुंचाने में मार्गदर्शन करता है। स्टार्टअप्स को बिजनेस मॉडल और डीपीआर तैयार करने, कंपनी पंजीकरण, स्टार्टअप इंडिया व स्टार्टअप हरियाणा पंजीकरण, पेटेंट व बौद्धिक संपदा अधिकार, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मिलेगा। स्टॉल तक की सुविधा दी जाएगी : इसके अलावा निवेशकों और उद्योगों से संपर्क कराने तथा विभिन्न प्रदर्शनियों में स्टॉल उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी जाएगी। आरकेवीवाई-रफ्तार योजना के तहत पात्र एवं चयनित स्टार्टअप्स को निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता के अनुसार 25 लाख रुपए तक की अनुदान सहायता मिल सकती है। स्मार्ट खेती से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक अवसर : एबिक ने स्मार्ट एवं प्रिसिजन कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि, ड्रोन एवं डिजिटल कृषि, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी एवं पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन, वेस्ट-टू-वेल्थ, सप्लाई चेन एवं पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि तथा जलवायु अनुकूल कृषि जैसे क्षेत्रों में नए विचार आमंत्रित किए हैं। हरियाणा के युवा, किसान और विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन
कुलपति ने बताया कि कोहोर्ट-8 के लिए हरियाणा के स्टार्टअप्स, युवा उद्यमी, किसान, विद्यार्थी, शोधार्थी और नवाचारकर्ता आवेदन कर सकते हैं। आवेदक के पास कृषि एवं संबंधित क्षेत्र की किसी समस्या का समाधान करने वाला नया विचार, उत्पाद, प्रक्रिया या तकनीक होना चाहिए। आवेदन के लिए आयु, विशेष शैक्षणिक योग्यता या किसी विशेष श्रेणी का बंधन नहीं रखा गया है। आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन लिंक एवं विस्तृत दिशा-निर्देश चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। 2019 से अब तक 77 स्टार्टअप्स को मिली सहायता
एबिक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वर्ष 2019 में स्थापना के बाद केंद्र ने कृषि नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है। 77 स्टार्टअप्स के लिए करीब 10 करोड़ रुपए की अनुदान राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इन स्टार्टअप्स ने पिछले छह वर्षों में सामूहिक रूप से 20 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है। स्टार्टअप्स के माध्यम से 1,500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं, एक लाख से अधिक किसानों को इन स्टार्टअप्स की तकनीकों का लाभ मिल रहा है। एबिक ने 100 से अधिक वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों और मेंटर्स का नेटवर्क भी विकसित किया है।