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हिरासत में लिए जाने से पहले दिल्ली पुलिस से भिड़े अभिजीत दीपके- 'मैं अकेला हूं, फिर कानून का उल्लंघन कैसे हुआ?'

Abhijeet Dipke : दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दीपके शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क की ओर जा रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया और प्रिवेंटिव डिटेंशन में लेकर पुलिस की गाड़ी में बैठा दिया. उनके साथ प्रदर्शन से जुड़ीं AISA नेता नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया.
'मैं अकेला हूं, मैंने कौन सा नियम तोड़ा?'
CJP की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में दीपके पुलिस से सवाल करते दिख रहे हैं. वह कहते हैं, “मैंने अभी उल्लंघन कैसे किया? मैं अकेला हूं.” दीपके का कहना था कि वह सिर्फ घर से बाहर निकले हैं और वहां मौजूद दूसरे लोग मीडिया के सदस्य हैं. इसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनके खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की जा रही है. इसके बाद पुलिस उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले गई.
पुलिस ने मार्च नहीं निकालने की दी थी चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले दीपके को नोटिस जारी कर कनॉट प्लेस में प्रदर्शन नहीं करने को कहा था. पुलिस ने इसकी वजह सार्वजनिक सुरक्षा, ट्रैफिक और दुकानदारों व आम लोगों को होने वाली परेशानी को बताया था. इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है. पुलिस ने चेतावनी दी थी कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है.
‘पूरा सेंट्रल दिल्ली ही जंतर-मंतर बन गया’
नेहा बोरा को भी दीपके के कुछ समय बाद हिरासत में लिया गया. इससे पहले उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर मंडी हाउस से कनॉट प्लेस तक मार्च शुरू करने की बात कही थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जंतर-मंतर सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि विरोध की पहचान है. उनके मुताबिक, “आज पूरा सेंट्रल दिल्ली ही जंतर-मंतर बन गया है.”
क्यों निकाला जाना था 'लहरा दो तिरंगा' मार्च?
अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के लिए लोगों से जुटने की अपील की थी. यह कार्यक्रम CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया जाना था. दीपके का कहना था कि तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है. हालांकि, पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए कार्यक्रम पर रोक लगाई थी.
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