समाचार · पंजाब
राष्ट्रपति ने हरमनप्रीत सिंह को किया सम्मानित:पंजाब की लोक कला को बढ़ावा देने के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, कृषि विस्तार अधिकारी के रूप में तैनात
पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक नृत्य को देश-विदेश में प्रमोट करने वाले हरमनप्रीत सिंह को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में देश भर से कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 110 बुद्धिजीवियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। 19 जुलाई 1975 को जन्मे और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर से स्नातक हरमनप्रीत सिंह पेशेवर रूप से पंजाब सरकार के कृषि विभाग में कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर तैनात हैं। हालांकि, सरकारी सेवा में रहते हुए भी पंजाब की लोक कलाओं के प्रति उनका समर्पण अटूट रहा है। वे वर्तमान में गुरदासपुर में 'पंजाब फोक आर्ट सेंटर' के निदेशक और जिला विरासत सोसायटी के संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया भारत का प्रतिनिधित्व हरमनप्रीत सिंह ने न केवल जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक विकास में योगदान दिया है, बल्कि सात समंदर पार भी पंजाब का नाम रोशन किया है। वे संगीत नाटक अकादमी और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने मलेशिया, नेपाल और तंजानिया में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सवों में भारतीय दल के 'ग्रुप लीडर' के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया है। वे पंजाब की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में एक सेतु का काम कर रहे हैं। समारोह में केंद्रीय मंत्रियों की रही गरिमामयी उपस्थिति विज्ञान भवन में आयोजित इस राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय योजना व संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह समेत संस्कृति मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न विश्वविद्यालयों में बतौर जज (निर्णायक) सेवाएं दे चुके हरमनप्रीत सिंह को मिले इस सम्मान से पंजाब के सांस्कृतिक हलकों और कृषि विभाग में खुशी की लहर है।