Friday, 10 July 2026
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अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप गड़गज हांगकांग पहुंचे:गुरुद्वारा खालसा दीवान के निमंत्रण पर 3 दिवसीय दौरा; सिखी के प्रचार पर होगा मंथन

INT News10 July 2026 at 09:20 pm

सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज गुरुद्वारा खालसा दीवान, हांगकांग के विशेष निमंत्रण पर 3 दिवसीय ऐतिहासिक धार्मिक दौरे पर हांगकांग पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर गुरुद्वारा साहिब तक पहुंचने पर स्थानीय सिख संगत और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा उनका बेहद भावपूर्ण और भव्य स्वागत किया गया। कृपाणों की छत्रछाया और जयकारों के साथ अगवानी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज जैसे ही गुरुद्वारा खालसा दीवान (सिख टेंपल) पहुंचे, तो वहां का माहौल 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। गुरुद्वारा साहिब के सिख युवाओं ने पारंपरिक मर्यादा के अनुसार नंगी कृपाणों की छत्रछाया में पूरे सत्कार के साथ जत्थेदार साहिब की अगवानी की। इस दौरान संगत में जत्थेदार के के स्वागत के लिए भारी उत्साह देखा गया। 3 दिवसीय प्रवास: सिखी के प्रचार-प्रसार पर होगा मंथन 3 दिवसीय प्रवास के दौरान जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज गुरुद्वारा खालसा दीवान हांगकांग में आयोजित विशेष 'गुरमति समागम' में मुख्य रूप से शिरकत करेंगे। इस धार्मिक समागम के दौरान वे हांगकांग में रह रही सिख संगत को गुरुबाणी और सिख इतिहास से जोड़ते हुए संबोधित करेंगे। इसके साथ ही, वे स्थानीय सिख समुदाय, प्रबंधन कमेटी और विशेषकर युवाओं के साथ बैठकें करेंगे, जिसमें विदेशों में सिखी के प्रचार-प्रसार और सिख मर्यादा को कायम रखने पर गंभीर विचार-विमर्श किया जाएगा। हांगकांग में सिखों का 125 वर्ष पुराना गौरवमयी इतिहास हांगकांग की धरती पर सिख समुदाय का इतिहास लगभग 125 वर्ष पुराना है। साल 1901 में यहां सबसे पहले 'श्री गुरु सिंह सभा' की स्थापना की गई थी। समय के साथ सिख समुदाय के बढ़ते स्वरूप के बाद, आज उसी ऐतिहासिक स्थान पर 'गुरुद्वारा खालसा दीवान सिख टेंपल' सुशोभित है, जो हांगकांग में सिख धर्म और सेवा का मुख्य केंद्र है। दौरे में मीडिया सलाहकार सहित कई प्रमुख गणमान्य रहे मौजूद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के साथ भारत से उनके मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह भी विशेष रूप से पहुंचे हैं। इस ऐतिहासिक आगमन पर गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसवंत सिंह, अध्यक्ष सरदार निर्मल सिंह पटियाला, उपाध्यक्ष सरदार जुगराज सिंह डुग्गरी, प्रबंधक कमेटी सदस्य सरदार महिंदर सिंह पक्की, पूर्व अध्यक्ष सरदार दलजीत सिंह जीरा, पूर्व बोर्ड सदस्य सरदार बलजिंदर सिंह दशमेश नगर, पूर्व बोर्ड सदस्य सरदार जुझार सिंह, पूर्व सचिव सरदार जसकरण सिंह वांदर, पूर्व सचिव सरदार बलजीत सिंह, सरदार सुखचैन सिंह, सरदार गगनप्रीत सिंह, सरदार जीवन सिंह, सरदार तेजपाल सिंह, और सरदार नवजीत सिंह सहित भारी संख्या में सिख हस्तियां और गणमान्य लोग उपस्थित थे।